मुंबई : भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने कहा है कि पीएमसी बैंक घोटाले पर फॉरेंसिक आडिट रिपोर्ट इस माह के अंत तक आने की उम्मीद है। दास ने बृहस्पतिवार को मौद्रिक समीक्षा की घोषणा के बाद संवाददाताओं से कहा कि इस बात के भी प्रयास किए जा रहे हैं कि सहकारी बैंक की ऐसी संपत्तियों का मूल्य निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिनका मौद्रिकरण किया जा सकता है।
रिजर्व बैंक ने सहकारी बैंक क्षेत्र के बेहतर तरीके से नियमन को नियमनों में बदलाव के बारे में भी सुझाव दिए हैं। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैक ने 23 सितंबर को पीएमसी बैंक में प्रशासक नियुक्त करते हुये ग्राहकों द्वारा नकदी की निकासी की भी सीमा तय की थी। उसके बाद से निकासी की सीमा में कई बार बदलाव किया गया है। दास ने कहा कि अभी फॉरेंसिक आडिट चल रहा है। हमें इस माह के अंत तक यह रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
बैंक की संपत्तियों का हासिल किया जाने वाला मूल्य निकालने का भी प्रयास किया जा रहा है। गवर्नर ने कहा कि पेशेवर मूल्यांकक पीएमसी की संपत्तियों के मूल्यांकन में मदद कर रहे हैं। अलग से रिजर्व बैंक द्वारा नियुक्त प्रशासक और विधि प्रवर्तन प्राधिकरणों मसलन शहर की पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा, प्रवर्तन निदेशालय और रिजर्व बैंक के अधिकारियों के बीच संपत्ति के मूल्यांकन को संयोजन की व्यवस्था बनाई गई है। दास ने कहा कि एक बार हमें फॉरेंसिक आडिट रिपोर्ट मिलने और संपत्तियों के मूल्य का अंतिम आंकड़ा मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


Download Android App
Download iOS App



