मंजूरी से पहले निर्यातकों के दावों का सत्यापन करेगी सरकार

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सीबीआईसी ने महानिदेशक (प्रणाली) को ‘जोखिम वाले निर्यातकों’ की सूची बनाने और उसे सीमा शुल्क और जीएसटी अधिकारियों से साझा करने को कहा है।

नई दिल्ली : निर्यातकों द्वारा एकीकृत माल एवं सेवा कर (आईजीएसटी) रिफंड के बोगस या गलत दावों के मामले सामने आने के बाद सरकार ने अधिकारियों से सतर्कता बरतने को कहा है। अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने सीमा शुल्क और जीएसटी अधिकारियों से कहा है कि वे किसी भी रिफंड दावे को मंजूरी से पहले उसका नजदीकी से सत्यापन करें। 
सीबीआईसी ने महानिदेशक (प्रणाली) को ‘जोखिम वाले निर्यातकों’ की सूची बनाने और उसे सीमा शुल्क और जीएसटी अधिकारियों से साझा करने को कहा है। इससे ऐसे निर्यातकों की निर्यात खेप की 100 प्रतिशत जांच के लिए अलर्ट जारी किया जा सकेगा। अभी आईजीएसटी रिफंड निर्यातकों को स्वत: तरीके से जारी होते हैं। 
ये रिफंड उनके द्वारा सीमा शुल्क विभाग के पास जमा कराए गए माल भेजने के बिल और केंद्रीय कर प्राधिकरण के पास जमा कराए जाने वाले माल एवं सेवा कर रिटर्न के आधार पर जारी किए जाते हैं। रिटर्न दाखिल करने के एक पखवाड़े में रिफंड जारी कर दिया जाता है। कर विशेषज्ञों का कहना है कि रिफंड के दावों के सत्यापन के कदम से निर्यातकों को रिफंड जारी करने में विलंब होगा।

Desk Team