मुंबई : वित्तीय संकट के वाबजूद जेट एयरवेज के लिए कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। जेट एयरवेज ने वेतन में 25 प्रतिशत कटौती के प्रस्ताव को वापस ले लिया है। पायलट और इंजीनियरों द्वारा इसका पुरजोर विरोध किया जा रहा था। एक सूत्र ने आज यह जानकारी दी। वित्तीय संकट की वजह से पूर्ण सेवा देने वाली विमानन कंपनी ने वेतन कटौती करने और लागत कटौती के कुछ अन्य उपाय लागू करने का प्रस्ताव किया था।
सूत्र ने बताया कि एयरलाइन के सीईओ विनय दुबे की कर्मचारियों के समूह के साथ पिछले सप्ताह हुई बैठक में वेतन कटौती प्रस्ताव को वापस लेने का फैसला किया गया। आपको बता दें कि पिछले दिनों ही जेट एयरवेज़ ने अपने अधिकारियों की तनख्वाह में 5 से 25 फीसदी की कटौती का फैसला लिया था। जेट का कहना था कि एयरलाइंस ऑपरेशन में ख़र्चा लगातार बढ़ रहा है, इसलिए वरिष्ठ अधिकारियों ने अपना वेतन कम कर मिसाल पेश की है। जेट एयरवेज़ में कर्मचारियों के वेतन में कटौती का ऐलान ऐसे वक्त हुआ था जब घरेलू यात्रियों की संख्या में करीब 20 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ोतरी हो रही है।
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जेट एयरवेज़ के सूत्रों के मुताबिक, ईंधन की बढ़ती कीमतों और रुपये में गिरावट से एयरलाइन की मुश्किलें बढ़ी हैं। जेट ने मीडिया को दिये बयान में कहा है कि उसे एयरलाइन के भविष्य और निवेशकों का ख्याल है और वह किफायती दामों पर बनी रहना चाहती है। एयरलाइन का कहना है कि वेतन उसके खर्च का महत्वपूर्ण हिस्सा है और वरिष्ठ अधिकारियों ने अपना वेतन कम कर मिसाल पेश की। जानकार कह रहे हैं कि इन दिक्कतों के बावजूद घरेलू बाज़ार में बढ़ोतरी हो रही है। इसे देखते हुए उम्मीद है कि एयरलाइंस का बाज़ार भविष्य में यात्रियों के लिए किफ़ायती और विमान कंपनियों के लिए फ़ायदे वाला बना रहेगा।


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