Jindal Steel Limited: रायपुर। भारत की अग्रणी स्टील निर्माता कंपनी जिन्दल स्टील लिमिटेड ने कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट (CSA) में बड़ा सुधार दर्ज करते हुए अपना स्कोर 30 से बढ़ाकर 72 कर लिया है। 42 अंकों की यह छलांग मजबूत गवर्नेंस, पारदर्शिता और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते कंपनी को ‘सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक 2026’ में सदस्यता मिली है।
Corporate Sustainability Assessment (CSA): वैश्विक स्तर पर विशेष पहचान
दुनिया भर की 9200 से अधिक कंपनियों में से केवल 848 कंपनियां ही इस सूची में स्थान बना सकीं। स्टील सेक्टर की 129 कंपनियों के आकलन में से मात्र 11 का चयन हुआ, जिनमें जिन्दल स्टील ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। यह उपलब्धि भारतीय स्टील उद्योग के लिए भी गर्व का विषय है।
Sustainability Yearbook 2026: ESG और ट्रांसपेरेंसी में शानदार प्रदर्शन
कंपनी का ESG स्कोर 37 से बढ़कर 74 हो गया है। सूचना साझा करने की दर 96% तक पहुंची, जबकि ‘ट्रांसपेरेंसी एवं रिपोर्टिंग’ में 100 में से 100 अंक हासिल किए। उल्लेखनीय है कि उद्योग का औसत स्कोर 46 है, जो कंपनी की बढ़त को और रेखांकित करता है।
Global Recognition: पर्यावरण और क्लाइमेट गवर्नेंस पर फोकस
वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने जैव विविधता और जलवायु जोखिमों को अपने बिजनेस मॉडल में शामिल किया। ‘पर्यावरण नीति’ में 99/100 और ‘क्लाइमेट गवर्नेंस’ में 100/100 अंक प्राप्त कर यह साबित किया कि स्टील जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भी सतत विकास संभव है।
Jindal Steel Limited: नेट-जीरो लक्ष्य और भविष्य की दिशा
जिन्दल स्टील ने 2047 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य तय किया है और 2030 तक 30% उत्सर्जन कमी की प्रतिबद्धता दोहराई है। कंपनी के प्रेसिडेंट (सस्टेनेबिलिटी एवं डिकार्बोनाइजेशन) नवीन अहलावत ने इसे टीमवर्क और पारदर्शी रिपोर्टिंग का परिणाम बताया। 12 बिलियन डॉलर से अधिक निवेश के साथ अंगुल, रायगढ़ और पतरातू में स्थित आधुनिक संयंत्रों के जरिए कंपनी भारत और अफ्रीका में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती दे रही है।
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