Make In India: उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) देश में व्यापार करने में और अधिक आसानी लाने के लिए जन विश्वास 2.0 विधेयक लाने के लिए सरकार के विभिन्न विभागों के लगभग 100 नियमों और कानूनों पर काम कर रहा है।
जन विश्वास 2.0 पर काम
एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि वर्तमान सरकार के पहले 100-दिवसीय जोर के तहत यह काम प्राथमिकता वाले क्षेत्र के रूप में किया जा रहा है। “मेक इन इंडिया” पहल का समर्थन करने के लिए, भारत सरकार ने जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2023 लागू किया है। 42 केंद्रीय अधिनियमों में छोटे अपराधों को अपराधमुक्त करने के प्राथमिक उद्देश्य के साथ, यह अधिनियम 19 मंत्रालयों/विभागों में 183 आपराधिक प्रावधानों को समाप्त करता है।
आपराधिक दंड का डर कम होगा
जन विश्वास विधेयक की समीक्षा करने वाली संयुक्त संसदीय समिति ने भारत के नियामक ढांचे के निरंतर आधुनिकीकरण को सुनिश्चित करते हुए इस अभ्यास को आगे के अधिनियमों तक विस्तारित करने की सिफारिश की है। जन विश्वास अधिनियम में मामूली तकनीकी और प्रक्रियात्मक चूक के लिए नागरिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था की गई है, जिससे आपराधिक दंड का डर कम होगा और देश में व्यापार करने और रहने में आसानी होगी।
100 नियमों और कानूनों पर काम
जन विश्वास अधिनियम का एक प्रमुख उद्देश्य पुराने प्रावधानों को हटाना है जो अब विकसित हो रहे तकनीकी और व्यावसायिक माहौल के अनुकूल नहीं हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है, “यह व्यापक सुधार न केवल सरकार और न्यायपालिका दोनों के लिए समय और लागत बचाता है, बल्कि अनावश्यक कानूनी बाधाओं को कम करके व्यवसायों और उद्यमियों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण भी बनाता है।” विज्ञप्ति में कहा गया है, “अपराधीकरण के इस प्रयास से यह सुनिश्चित होता है कि दंड अपराधों की गंभीरता के अनुपात में हो, जबकि गंभीर उल्लंघनों के लिए कठोर दंड बनाए रखा जाए। यह भारत के विनियामक ढांचे को वैश्विक व्यापार मानकों के अनुरूप बनाने, निवेशकों का विश्वास बढ़ाने और सुचारू व्यापार संचालन की सुविधा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
(Input From ANI)


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