नई दिल्ली : आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल 12 जून को एक संसदीय समिति के सामने पेश होंगे। इस दौरान वह बैंकिंग धोखाधड़ी और बढ़ती गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए)के बारे में अपना पक्ष रखेंगे। वित्त पर संसद की इस स्थायी समिति में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सदस्य हैं। पटेल बढ़ते एनपीए के मद्देनजर राष्ट्रीयकृत बैंकों की स्थिति और बैंकिग क्षेत्र में जालसाजी को रोकने के लिए भविष्य के कदम के बारे में बात करेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली वित्त पर संसद की स्थायी समिति की अध्यक्षता कर रहे हैं और इसमें तकरीबन सभी बड़े राजनीतिक दलों के सदस्य हैं ।
समिति के सदस्यों ने कहा है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर पिछले कुछ महीने में उजागर हुए बैंकिंग क्षेत्र के घोटाले संबंधी सवालों का भी जवाब देंगे। इससे पहले वित्त सेवा के सचिव राजीव कुमार ने बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े सवालों पर कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखा था। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस समिति के सदस्य हैं और 12 जून को होने वाली बैठक में उनके हिस्सा लेने की संभावना है।
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