नई दिल्ली : मौजूदा वित्त वर्ष के आखिर में प्राइवेट बैंकों के प्रमुखों को मिलने वाले बोनस में देरी हो रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकिंग रेग्युलेटर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) का हवाला देते हुए बोनस पर सवाल उठाए हैं। जिनका बोनस रोका गया है, उनमें आईसीआईसीआई की सीईओ चंदा कोचर, एक्सिस बैंक की शिखा शर्मा और एचडीएफसी बैंक के आदित्य पुरी शामिल हैं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, आरबीआई ने प्रस्तावित बोनस के दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। हालांकि, आरबीआई या कोई भी बैंक इस बारे में जानकारी देने को तैयार नहीं है। सरकारी बैंकों के मुकाबले मजबूत माने जाते रहे प्राइवेट बैंकों के लिए कठिन समय है। एक के बाद एक बैड लोन के मामलों का खुलासा हो रहा है। डिफॉल्टर्स की संख्या बढ़ने से दबाव बढ़ रहा है। बैंकिंग एनालिस्ट आशुतोष कुमार मिश्रा कहते हैं कि आरबीआई को 31 मार्च 2018 तक बोनस को मंजूरी दे देनी चाहिए थी। लेकिन इसमें ऐसी देरी पहली बार सामने आई है।
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