भारतीय स्टेट बैंक ने ‘हर घर लखपति’ योजना की ब्याज दरों में कटौती की है, जिससे सामान्य नागरिकों को अब 6.55% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.05% ब्याज मिलेगा। यह योजना छोटे निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बनी हुई है, जो धीरे-धीरे 1 लाख या उससे अधिक की रकम जमा करना चाहते हैं।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपनी लोकप्रिय रिकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना ‘हर घर लखपति’ की ब्याज दरों में मामूली कटौती की है। अब इस स्कीम में सामान्य नागरिकों को अधिकतम 6.55% और वरिष्ठ नागरिकों को 7.05% सालाना ब्याज मिलेगा। पहले की तुलना में यह कटौती 0.20% की गई है। हालांकि ब्याज दर में कटौती के बावजूद, यह योजना छोटे निवेशकों के लिए अब भी एक भरोसेमंद विकल्प बनी हुई है, जो धीरे-धीरे 1 लाख या उससे अधिक की रकम जमा करना चाहते हैं।
क्या है ‘हर घर लखपति’ स्कीम?
‘हर घर लखपति’ एक खास रिकरिंग डिपॉजिट योजना है, जो खास तौर पर मिडल क्लास और लोअर मिडल क्लास परिवारों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसमें ग्राहक हर महीने एक निश्चित रकम जमा करते हैं और निर्धारित समय के बाद उन्हें एकमुश्त राशि मिलती है। उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति 10 साल तक हर महीने 610 रुपए जमा करता है, तो मैच्योरिटी पर उसके पास करीब 1 लाख रुपए का फंड तैयार हो जाएगा।
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ब्याज दरों में बदलाव: निवेशकों पर क्या होगा असर?
अब तक इस स्कीम में सामान्य निवेशकों को अधिकतम 6.75% तक ब्याज मिलता था, जिसे घटाकर 6.55% कर दिया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर अब 7.05% हो गई है, जो पहले 7.25% थी। ब्याज दर में यह मामूली कटौती फिक्स्ड इनकम निवेशों की गिरती हुई दरों का हिस्सा है। ब्याज दरों में कमी के बावजूद, नियमित निवेश के कारण रिटर्न पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, 10 साल तक 610 रुपए प्रति माह निवेश करने पर अभी भी 1 लाख रुपए का फंड आराम से तैयार हो सकता है।


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