SEBI ने लॉन्च किया SCORES का नया वर्जन, निवेशकों को होगा फायदा

Summary :

SEBI: भारत के वित्तीय बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों के हितों की रक्षा के अपने प्रयासों के तहत सोमवार को सेबी शिकायत निवारण प्रणाली (स्कोर्स 2.0) का एक नया संस्करण लॉन्च किया। स्कोर्स एक ऑनलाइन प्रणाली है जहां प्रतिभूति बाजार में निवेशक एक वेब यूआरएल और एक ऐप के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। पुराने ऐप को बंद कर दिया गया है और उसकी जगह नया ऐप जल्द ही लॉन्च किया जाएगा। Highlights सेबी ने निवेशकों के हित में उठाया कदम (स्कोर्स 2.0) का एक नया संस्करण लॉन्च किया पुराने ऐप को बंद कर दिया गया SCORES…

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SEBI: भारत के वित्तीय बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों के हितों की रक्षा के अपने प्रयासों के तहत सोमवार को सेबी शिकायत निवारण प्रणाली (स्कोर्स 2.0) का एक नया संस्करण लॉन्च किया। स्कोर्स एक ऑनलाइन प्रणाली है जहां प्रतिभूति बाजार में निवेशक एक वेब यूआरएल और एक ऐप के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं। पुराने ऐप को बंद कर दिया गया है और उसकी जगह नया ऐप जल्द ही लॉन्च किया जाएगा।

Highlights

  • सेबी ने निवेशकों के हित में उठाया कदम
  • (स्कोर्स 2.0) का एक नया संस्करण लॉन्च किया
  • पुराने ऐप को बंद कर दिया गया

SCORES का नया वर्जन SCORES 2.O लॉन्च किया

SCORES 2.O: मार्केट रेगुलेटर सेबी ने शिकायत के निपटारे के लिए पोर्टल स्कोर (SCORES) का नया वर्जन SCORES 2.O लॉन्च किया है। नए पोर्टल से जिस संस्था से शिकायत होगी, प्लेटफॉर्म से ऑटोमैटिक उस तक पहुंचेगी। शिकायत की स्थिति पर रोजाना नजर रहेगी और अधिकतम 21 दिन में शिकायत का निपटारा होगा। शिकायत से असंतुष्ट होने पर निवेशकों के पास दो स्तर पर समीक्षा का मौका होगा।

नए संस्करण का लक्ष्य प्रतिभूति बाजार में निवेशकों की शिकायतों के निवारण के लिए शिकायत प्राप्त होने की तारीख से 21 कैलेंडर दिन की समय-सीमा को कम करना और एक समान बनाना है। इसके अलावा, इसका उद्देश्य संबंधित विनियमित इकाई को शिकायतों की ऑटो-रूटिंग शुरू करना है ताकि शिकायतों के प्रवाह में समय की कमी, यदि कोई हो, को खत्म किया जा सके और निवेशकों की शिकायतों के समय पर निवारण की निगरानी की जा सके।

इसके अलावा, समीक्षा के दो स्तर प्रदान करने के प्रावधान किए गए थे: यदि निवेशक संबंधित विनियमित इकाई द्वारा प्रदान किए गए समाधान से असंतुष्ट है तो ‘नामित निकाय’ द्वारा पहली समीक्षा। यदि निवेशक पहली समीक्षा के बाद भी असंतुष्ट है तो सेबी द्वारा दूसरी समीक्षा। अन्य विशेषताओं में विनियमित इकाई या ‘नामित निकाय’ द्वारा निर्धारित समय-सीमा का पालन न करने की स्थिति में, जैसा भी मामला हो, शिकायतों को अगले स्तर तक स्वचालित रूप से बढ़ाने की व्यवस्था शामिल है।

नोट – इस खबर में दी गयी जानकारी निवेश के लिए सलाह नहीं है। ये सिर्फ मार्किट के ट्रेंड और एक्सपर्ट्स के बारे में दी गयी जानकारी है। कृपया निवेश से पहले अपनी सूझबूझ और समझदारी का इस्तेमाल जरूर करें। इसमें प्रकाशित सामग्री की जिम्मेदारी संस्थान की नहीं है।

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Aastha Paswan