Stock Market Today 04 June 2026: अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से तनाव बढ़ने के बीच कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के सत्र में गिरावट के साथ लाल निशान में खुला।
इस दौरान, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,346.17 से 410.34 अंक गिरकर 73,935.83 पर खुला तो वहीं एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,405.60 से 123.15 अंक गिरकर 23,282.45 पर खुला।
खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 227.52 अंकों यानी 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,118.65 पर था, जबकि निफ्टी50 80.05 अंक यानी 0.34 प्रतिशत गिरकर 23,325.55 पर ट्रेड कर रहा था।
Mid Cap And Small Cap Today: स्मॉलकैप में तेजी

निफ्टी 50 पैक में ट्रेंट, टीएमपीवी, इंफोसिस, आयशर मोटर और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत इटरनल, टाइटन, एशियन पेंट्स और अदाणी इंटरप्राइजेज के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.17 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.09 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
आईटी, मेटल और रियल्टी शेयरों पर दबाव
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी, निफ्टी आईटी, निफ्टी मेटल और निफ्टी प्राइवेट बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी केमिकल और निफ्टी एफएमसीजी बेहतर प्रदर्शन करते नजर आए।
घरेलू मोर्चे पर, निवेशक शुक्रवार को जारी होने वाले भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक के परिणाम की प्रतीक्षा करते हुए सतर्कता बरत सकते हैं।
अडानी शेयरों में जोरदार खरीदारी, ट्रेंट फिसला
भारत से लेकर अमेरिका तक कई कानूनी मुश्किलें हल होने के बाद रीरेटिंग की उम्मीद में निवेशक अडानी ग्रुप के शेयरों पर जमकर दांव लगा रहे हैं। इसी वजह से निफ्टी (Nifty) में अडानी एंटरप्राइजेज टॉप गेनर (सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाला शेयर) बना हुआ है। दूसरी ओर, टाटा ग्रुप की कंपनी ट्रेंट (Trent) का शेयर निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही इंडेक्स में टॉप लूजर रहा। इसके अलावा, बाजार में आज कंज्यूमर ड्यूरेबल्स स्टॉक्स का बोलबाला है, जिसमें विशेष रूप से वोल्टास और ब्लूस्टार जैसी एयरकंडीशनर बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में शानदार तेजी देखी जा रही है।
Experts on Stock Market: एक्सपर्ट्स ने क्या बताया?

एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की लगातार और बड़े पैमाने पर बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। जब तक पश्चिम एशिया संकट का कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक बाजार में मजबूत और टिकाऊ तेजी की संभावना कम दिखाई देती है। वहीं अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे देशों के शेयर बाजारों में जारी तेजी यह संकेत देती है कि विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से और अधिक पैसा निकाल सकते हैं।
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि विदेशी निवेशकों द्वारा डेरिवेटिव बाजार में बड़ी मात्रा में शॉर्ट पोजिशन बनाना भी बाजार में आगे और कमजोरी आने की आशंका को बढ़ाता है। हालांकि यदि पश्चिम एशिया संकट का कोई अप्रत्याशित समाधान निकलता है और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है, तो स्थिति बदल सकती है। लेकिन लेबनान में फिर से बढ़े संघर्ष और अमेरिका तथा ईरान के बीच समय-समय पर हो रही सैन्य झड़पें इस बात का संकेत देती हैं कि फिलहाल संकट का कोई त्वरित समाधान नजर नहीं आ रहा है।


Download Android App
Download iOS App




