अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने के बाद आज भी भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखी गई है। आज भी बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला और यह लगातार छठा दिन है जब बाजार में गिरावट देखने को मिली है। बता दें कि वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच निवेशक अलर्ट है, जिसके चलते शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दबाव देखने को मिला।
बीएसई सेंसेक्स 309.19 अंक, 0.39 प्रतिशत गिरकर 77,418.97 के स्तर पर खुला। वहीं एनएसई निफ्टी 50 0.26 प्रतिशत गिरकर 24,223.85 लेवल पर खुला। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स 270 अंकों की गिरावट के साथ 77,464.18 पर कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 50, 70 अंक गिरकर करीब 24,245.25 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया।
निफ्टी मिडकैप में गिरावट
निफ्टी मिडकैप में 0.08 प्रतिशत की गिरावट आई और स्मॉलकैप में 0.27 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है। सेक्टोरल मोर्चे पर सबसे ज्यादा दबाव निफ्टी आईटी इंडेक्स में देखने को मिला, जो 1 प्रतिशत से अधिक टूट गया। इसके अलावा, निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम में 0.62 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी में करीब 0.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, प्राइवेट बैंक, मीडिया, मेटल और एफएमसीजी शेयरों में भी बिकवाली का रुख रहा।
निफ्टी ऑटो इंडेक्स में लगभग 0.40 प्रतिशत उछाल देखने को मिला है और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.29 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि व्यापक बाजार में चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी जारी है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड के 91 डॉलर प्रति बैरल पार होने और अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के बढ़कर 4.73 प्रतिशत पर पहुंचने से इक्विटी बाजारों पर दबाव बढ़ा है। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के लिए उभरते बाजारों में निवेश को कम आकर्षक बना सकती है।
कैसा रहेगा भारतीय शेयर बाजार
पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता और तेल बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक वैश्विक और भारतीय शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और वैश्विक तनाव पर बनी हुई है।
कंपनियों की कमाई में सुधार का सिलसिला जारी रहता है, तो कच्चे तेल की ऊंची कीमत और वैश्विक तनाव जैसी चुनौतियों के बावजूद भारतीय शेयर बाजार को आगे समर्थन मिल सकता है।


Download Android App
Download iOS App




