भारतीय शेयर बाजार में आज भी गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। सेंसेक्स में 492 अंकों, 0.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और 72,175.95 का दिन का निम्नतम स्तर छुआ। वहीं निफ्टी 50 ने 22,445.70 का इंट्रा-डे लो छुआ और 153.35 अंकों, 0.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। शेयर बाजार लगातार दबाव में कारोबार कर रहा है और बांड यील्ड में तेजी के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट के चलते भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे सत्र में दबाव में नजर आया।
निफ्टी फार्मा का सबसे बेहतर प्रदर्शन
सेक्टोरल प्रदर्शन में निफ्टी आईटी, निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर और निफ्टी फार्मा सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले सूचकांक रहे। इनमें 0.59 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और केमिकल्स सेक्टरों में भी हल्की मजबूती देखने को मिली। दूसरी तरफ निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज (एक्स-बैंक) और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स दबाव में रहे और इनमें 0.38 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। ऑटो शेयरों में भी कमजोरी का माहौल बना रहा।
फार्मास्यूटिकल्स पर बढ़ेगा निवेशकों का झुकाव!
बाजार जानकारों के अनुसार आरबीआई द्वारा अपनाए गए ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ रुख और रेपो रेट में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी के बाद इक्विटी बाजार के वैल्यूएशन पर दबाव बढ़ सकता है। ऊंची ब्याज दरों के कारण फिक्स्ड इनकम निवेश अधिक बेहतर बन सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में निवेशकों का झुकाव फार्मास्यूटिकल्स जैसे उन क्षेत्रों की ओर बढ़ सकता है, जिन पर ब्याज दरों का प्रभाव कम होता है।
भू-राजनीतिक तनावों ने बाजारों को प्रभावित किया
वैश्विक स्तर पर भी निवेशक सतर्क है और अधिक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों ने बाजारों को प्रभावित किया है। एशियाई बाजारों में भी मिला-जुला हुआ देखने को मिला है।


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