वुहान : भारत और चीन ने एक दूसरे की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश को संतुलित तरीके से आगे बढ़ने पर सहमति व्यक्त की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अनौपचारिक बैठकों के बाद कहा गया है कि दोनों नेताओं ने दोनों देशों के आपसी व्यापार एवं निवेश को संतुलित ढंग से आगे बढ़ने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने कहा कि व्यापार और निवेश एक दूसरे की आवश्यकताओं के अनुरुप होना चाहिए। दोनों नेताओं ने सांस्कृतिक सहयोग तथा आम जनता के आपसी संपर्क बढ़ने पर भी चर्चा की और इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए नए प्रणाली स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की।
दोनों नेताओं ने कहा कि वैश्विक समृद्धि और शांति में भारत और चीन अलग अलग अपने आर्थिक प्रगति एवं विकास से योगदान करते हैं और भविष्य में भी दोनों अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक अर्थव्यवस्था के इंजन बने रहेंगे। उन्होंने दोहराया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था खुली, बहुस्तरीय, बहुलवादी और भागीदारीपूर्ण होनी चाहिए जिससे सभी देश विकास कर सकें और दुनिया के सभी क्षेत्रों से गरीबी तथा असमानता के उन्मूलन में योगदान कर सकें। मोदी और जिनपिंग ने कहा कि 21 वीं सदी की चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों देशों को एक साथ आना चाहिए जिससे इनका समाधान किया जा सके। दोनों पक्षों ने इस दिशा में सहयोग करने पर भी सहमति व्यक्त की।
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