राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भाजपा पर लगाए आरोपों के बाद भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कांग्रेस की भूमिका और उसके ऐतिहासिक रुख पर सवाल खड़े किए हैं। दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है।
बघेल ने कहा कि कांग्रेस के अधिवेशनों में ‘वंदे मातरम्’ गाया जाता रहा है और कांग्रेस ने ही इस गीत को राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किया था। उन्होंने दावा किया कि इस गीत के लिए कांग्रेस के लोगों ने संघर्ष किया और लाठियां-गोलियां तक खाईं।
चंद्राकर ने दावा किया कि वर्ष 1940 के कांग्रेस अधिवेशन में ‘वंदे मातरम्’ के गायन पर प्रतिबंध लगाया गया था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का हवाला देते हुए कहा कि सुभाष चंद्र बोस ‘वंदे मातरम्’ को स्वतंत्रता का मंत्र बताते थे, लेकिन तत्कालीन नेतृत्व ने इसे स्वीकार नहीं किया।
‘वंदे मातरम्’ के इतिहास पर बहस की चुनौती
भाजपा विधायक ने कांग्रेस को इस पूरे मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि वह तथ्यों के आधार पर चर्चा के लिए तैयार हैं। इस बयान के बाद ‘वंदे मातरम्’ को लेकर प्रदेश की राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
रिपोर्ट- आशीष शर्मा


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