उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके में रविवार शाम दो समूहों के बीच झड़प हो गई। बीती रात से यहां संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के लिये बड़ी संख्या में लोग जमा हैं।
जाफराबाद से सटे मौजपुर में दो समूहों ने एक-दूसरे पर पथराव किया, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी। सुरक्षा कारणों के चलते मौजपुर-बाबरपुर मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिये गए हैं।
इससे पहले शनिवार रात अधिकतर महिलाओं समेत सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के निकट सीलमपुर, मौजपुर और यमुना विहार को जोड़ने वाली सड़क को बंद कर दिया था। प्रदर्शन रविवार को भी जारी रहा, जिसके चलते जाफराबाद स्टेशन के द्वार बंद कर दिये गए। इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात है।
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने संशोधित नागरिकता कानून के समर्थन में मौजपुर लालबत्ती के निकट सभा बुलाई थी, जिसके बाद सीएए विरोधी प्रदर्शनकारी इलाके में एकत्रित होने लगे। दोपहर बाद दोनों समूहों के बीच झड़प हो गई।
मिश्रा ने ट्वीट किया, ”हमने दिल्ली पुलिस को सड़क खाली कराने के लिये तीन दिन का समय दिया है। जाफराबाद और चांदबाग की सड़क खाली कराएं।”
मिश्रा ने एक वीडियो भी ट्वीट की, जिसमें वह सभा को संबोधित करते हुए कह रहे हैं, ”वे (प्रदर्शनकारी) दिल्ली में तनाव पैदा करना चाहते हैं। इसलिये उन्होंने सड़कें बंद कर दी हैं। इसीलिये उन्होंने यहां दंगे जैसे हालात पैदा कर दिये हैं। हमने कोई पथराव नहीं किया।”
उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा, ‘‘अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत में रहने तक, हम इलाके को शांतिपूर्वक छोड़ रहे हैं। इसके बाद अगर तब तक सड़कें खाली नहीं हुईं तो हम आपकी (पुलिस की) नहीं सुनेंगे।’’
मिश्रा के साथ आए मौजपुर निवासी और छात्र अमन शर्मा (22) ने कहा कि हम सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारियों के सड़क बंद करने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
उन्होंने दावा किया, ”दोपहर करीब ढाई बजे, उन्होंने (सीएए-विरोधी प्रदर्शनकारियों) पथराव किया और कांच की बोतलें फेंकनी शुरू कर दीं।”
डीएमआरसी ने ट्वीट किया कि सुरक्षा कारणों के चलते बाबरपुर-मौजपुर मेट्रो स्टेशन बंद कर दिये गए है।


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