Central District Crime News : सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने आईजीआई एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले फर्जी रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ‘ब्रेटिश एयरवेज’ और ‘फ्यूचर विंग्स लर्निंग इंस्टीट्यूट’ के नाम से फर्जी वेबसाइट चलाकर सोशल मीडिया के जरिए नौकरी तलाशने वाले युवाओं को निशाना बनाते थे।
डीसीपी (सेंट्रल) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट साइबर थाना पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मास्टरमाइंड संदीप कुमार (23), ठगी में 50 प्रतिशत का साझेदार अखिल कुमार (27), वेबसाइट डेवलपर राकेश कुमार (47) और टेली-कॉलर श्वेता, सपना और साक्षी के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड और, दो रजिस्टर जिसमें नौकरी तलाशने वालों का डेटा दर्ज हैं आदि बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह नौकरी दिलाने के नाम पर पहले फर्जी एडमिशन, रजिस्ट्रेशन और एविएशन कोर्स के नाम पर पीड़ितों से सात से दस रुपये तक वसूलता था।
डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि एक पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दी थी। उसने बताया कि 10 जून को इंस्टाग्राम पर उसे ‘ब्रेटिश एयरवेज’ का विज्ञापन मिला, जिसमें आईजीआई एयरपोर्ट पर नौकरी की पेशकश की गई थी। लिंक पर जानकारी भरने के बाद उससे यूपीआई के जरिए कुल 7,000 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। इसके बाद आरोपियों ने उसे फर्जी एडमिशन स्लिप, एनओसी और जॉब ऑफर लेटर भेज दिया। बाद में पीड़ित को पता चला कि ‘ब्रेटिश एयरवेज’ नाम की कोई एयरलाइन ही नहीं है।
जांच के दौरान नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर इसी फर्जी एयरलाइन रैकेट से जुड़ी 10 शिकायतें भी सामने आईं। पुलिस ने 18 अगस्त को संदीप और अखिल को गिरफ्तार किया, जिसके बाद पूछताछ के आधार पर चार अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया गया। पूछताछ में पता चला कि संदीप पहले फर्जी एविएशन-जॉब कंपनियों में टेली-कॉलर के तौर पर काम कर चुका था। इसी दौरान उसने नौकरी के नाम पर ठगी करने का तरीका सीखा और बाद में अपना गिरोह खड़ा कर लिया।



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