‘नेक्स्ट जेन भारत 2026’ कॉन्फ्रेंस में साफ हवा के लिए इंडस्ट्री, एकेडेमिया और युवा एक साथ आए

Summary :

Next Gen India 2026 : एनर्जी, फ़ार्मा, हॉस्पिटैलिटी, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफ़ैक्चरिंग, स्टार्टअप और एजुकेशन सेक्टर के लीडर्स साफ़ हवा को बढ़ावा देने की सामूहिक ज़िम्मेदारी उठाने के लिए एक साथ आए। दिल्ली यूनिवर्सिटी के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज (डीडीयूसी) और मॉर्निंग स्प्राउट कंसल्टिंग द्वारा आयोजित ‘नेक्स्ट जेन भारत 2026’ कॉन्फ्रेंस ने इंडस्ट्री, एकेडेमिया और युवाओं को समाधान-केंद्रित बातचीत के लिए एक मंच पर लाया और ‘विकसित भारत’ के लिए सामूहिक कार्रवाई के महत्व को मज़बूत किया। हवा की गुणवत्ता का अर्थव्यवस्था और प्रोडक्टिविटी पर असर स्टेकहोल्डर्स ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सेहत के अलावा, हवा की क्वालिटी का सीधा…

Next Gen India 2026 : एनर्जी, फ़ार्मा, हॉस्पिटैलिटी, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफ़ैक्चरिंग, स्टार्टअप और एजुकेशन सेक्टर के लीडर्स साफ़ हवा को बढ़ावा देने की सामूहिक ज़िम्मेदारी उठाने के लिए एक साथ आए। दिल्ली यूनिवर्सिटी के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज (डीडीयूसी) और मॉर्निंग स्प्राउट कंसल्टिंग द्वारा आयोजित ‘नेक्स्ट जेन भारत 2026’ कॉन्फ्रेंस ने इंडस्ट्री, एकेडेमिया और युवाओं को समाधान-केंद्रित बातचीत के लिए एक मंच पर लाया और ‘विकसित भारत’ के लिए सामूहिक कार्रवाई के महत्व को मज़बूत किया।

हवा की गुणवत्ता का अर्थव्यवस्था और प्रोडक्टिविटी पर असर

स्टेकहोल्डर्स ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सेहत के अलावा, हवा की क्वालिटी का सीधा असर अर्थव्यवस्था, कर्मचारियों की प्रोडक्टिविटी, काम से अनुपस्थिति और हमारे जीवन के लगभग हर पहलू पर पड़ता है। उन्होंने दोहराया कि यह एक जटिल मुद्दा है और भारत की विकास यात्रा को तेज़ करने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स को मिलकर काम करना चाहिए।

मुख्य अतिथि, दिल्ली यूनिवर्सिटी के डीन ऑफ़ कॉलेजेज़ प्रोफ़ेसर बलराम पाणि ने आग्रह किया कि वे ज़िम्मेदारी लें और इस चुनौती का समाधान निकालें। ‘स्वच्छ भारत’ का आह्वान हम सभी को अपने देश और युवाओं के भविष्य के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रेरित करता है।

मॉर्निंग स्प्राउट कंसल्टिंग की फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर श्वेता ठाकुर नंदा ने कहा कि आने वाले भारत के लिए जरूरी है कि युवा साफ हवा के समाधान तैयार करने में सक्रिय रूप से शामिल हों। इसके लिए सरकार, इंडस्ट्री, एकेडेमिया और समुदायों के बीच मज़बूत सहयोग की ज़रूरत है।

युवाओं और संस्थानों की भूमिका पर दिया जोर

डीडीयूसी के प्रिंसिपल प्रोफ़ेसर हेम चंद जैन ने अपने भाषण में साफ़ हवा के लिए व्यवहार में बदलाव की अहमियत पर ज़ोर दिया और सभी से, ख़ासकर युवाओं से, पर्यावरण के लिए अच्छे कदम उठाने, रिसाइकिल और दोबारा इस्तेमाल (रीयूज़) करने की अपील की। ​​दिल्ली नगर निगम की पार्षद शशि यादव ने कहा कि साफ़ हवा एक बुनियादी ज़रूरत है और इसे बेहतर बनाने के लिए हमें मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा, “आइए नए विचार लाएं, इनोवेशन करें और सबको साथ लेकर चलें।

इस कार्यक्रम की एक मुख्य बात थी ‘प्रिंसिपल्स राउंड टेबल’, जिसमें मोतीलाल नेहरू कॉलेज (इवनिंग) के प्रिंसिपल प्रो. संदीप गर्ग, श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स की प्रिंसिपल प्रो. कवल गिल और भगिनी निवेदिता कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. रूबी मिश्रा शामिल हुईं। इस चर्चा में इस बात पर गौर किया गया कि कैसे शिक्षण संस्थान तेज़ी से बदलती दुनिया के लिए छात्रों को तैयार कर सकते हैं और साथ ही सस्टेनेबिलिटी (टिकाऊपन), नागरिकता और सामाजिक ज़िम्मेदारी के बारे में जागरूकता बढ़ा सकते हैं।

Sumant Chaudhary