Central District Crime News : दुर्गा उत्सव से पहले मिंटो ब्रिज के पास काली मंदिर परिसर की सफाई करने पहुंची दिल्ली भाजपा की टीम उस समय सकते में आ गई, जब पास में बनी एक कबाड़ी की झुग्गी में रखे बक्से से कंकाल बरामद होने का दावा किया गया। कंकाल मिलने की सूचना तत्काल दिल्ली पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। कबाड़ी ने भाजपा नेताओं के सामने दावा किया कि उसने बक्सा एक स्थानीय स्कूल से कबाड़ में खरीदा था।
भाजपा का कहना है कि संबंधित स्कूल से संपर्क करने पर वहां से बताया गया कि करीब 10-12 वर्षों से ऐसे कंकाल नहीं रखे जाते। इसके बाद भाजपा ने कंकाल कहां से आया और कबाड़ी तक कैसे पहुंचा, इसकी विस्तृत जांच की मांग की है।
दिल्ली भाजपा की ओर से शनिवार को जारी बयान के अनुसार पार्टी उपाध्यक्ष एवं स्वच्छता अभियान संयोजक राजेश भाटिया, सह कार्यालय मंत्री अमित गुप्ता और पूर्व महापौर राजा इकबाल सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर मिंटो ब्रिज लालबत्ती के पास स्थित काली मंदिर पहुंचे थे। आगामी दुर्गा उत्सव को देखते हुए यहां सफाई अभियान चलाया जा रहा था। भाजपा का दावा है कि मंदिर में लगाए जा रहे पंडाल के आसपास बड़े स्तर पर अतिक्रमण और गंदगी मिली। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने निगम कर्मचारियों के साथ सफाई शुरू की। अभियान के दौरान करीब 15 ट्रक कूड़ा और मलबा हटाने के साथ अवैध पार्किंग में खड़े लगभग 50 वाहनों को भी हटवाया गया।
इसी सफाई के दौरान बदायूं निवासी बताए जा रहे कबाड़ी मोहम्मद शकील की झुग्गी में रखे एक बक्से में कंकाल मिलने का दावा किया गया। भाजपा नेता राजेश भाटिया ने कहा कि कबाड़ी द्वारा इसे स्थानीय स्कूल से कबाड़ में खरीदने की बात कही गई, लेकिन स्कूल प्रशासन के कथित जवाब के बाद सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की गहराई से जांच करने और यह पता लगाने की मांग की कि कंकाल कबाड़ी के पास कैसे पहुंचा। उन्होंने मंदिर के पास दुर्गा पूजा से कुछ दिन पहले इसे मिलने को लेकर भी आशंका जताई, हालांकि इस दावे की पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं हुई है।
दिल्ली भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने इस घटना के बहाने इलाके में अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय मार्ग, राऊज एवेन्यू और माता सुंदरी रोड पर अदालत, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल और कई राजनीतिक दलों व संगठनों के कार्यालय हैं। इसके बावजूद कबाड़ियों और मैकेनिकों के कथित अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। उन्होंने एमसीडी आयुक्त और पुलिस आयुक्त से पूरे क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर अतिक्रमण हटाने की मांग की।
फॉरेंसिक टीम ने मौके पर की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक और क्राइम टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने बरामद ढांचे की जांच की। फॉरेंसिक विशेषज्ञ की प्रारंभिक राय में यह मानव कंकाल नहीं, बल्कि कृत्रिम हड्डियों से तैयार किया गया ढांचा प्रतीत हुआ। पुलिस के मुताबिक, इस तरह के मॉडल का इस्तेमाल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है, खासकर स्कूल या प्रयोगशाला में विद्यार्थियों को मानव शरीर की संरचना समझाने के लिए। फिलहाल प्रारंभिक जांच में किसी आपराधिक घटना या अपराध के संकेत नहीं मिले हैं। पुलिस ने बरामद सामग्री और उसके स्रोत से जुड़ी जानकारी जुटाई है।


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