नई दिल्ली : दिल्लीप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन दिल्ली के व्यापारियों द्वारा बुलाए गए दो दिन के बंद के समर्थन में पहले दिन सूट मार्केट, ओल्ड डबल स्टोरी मार्केट, ए ब्लॉक, लाजपत नगर -4, नई दिल्ली, आर्य समाज रोड, बीकानेरवाला, करोलबाग, नई दिल्ली और पुरानी रोहतक रोड, किशन गंज मार्केट, गंगा नाला, दिल्ली गए। अजय माकन के साथ दिल्ली ट्रेडर्स कांग्रेस के कन्वीनर मुरली मनी, अजय अरोड़ा, सहित हजारों ट्रेडर्स मौजूद थे।
व्यापारियों को सम्बोधित करते हुए अजय माकन ने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि दिल्ली का व्यापारी बर्बाद हो रहा और केन्द्र व निगम में शासित भाजपा सरकार व केजरीवाल की दिल्ली सरकार सर्वोच्च न्यायालय में जाकर सीलिंग को बंद करवाने की बजाय दिखावे के लिए धरने प्रदर्शन कर रही है और व्यापारियों के हितैषी दिखाने के लिए एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे है। माकन ने कहा कि मुझे समझ नही आता कि जब मास्टर प्लान और नोटिफिकेशनों के प्रावधानों से साफतौर पर स्पष्ट है कि दिल्ली में की जा रही सीलिंग गैर कानूनी है और न ही 10 वर्षों के पश्चात कन्वर्जन शुल्क लिए जा सकते है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र और दिल्ली की सरकारों को यह मालूम नहीं है कि यदि दिल्ली के 5,12,000 व्यावसायिक जगह जिनमें रिटेल और होलसेल की दुकानें भी आती हैं, यदि वे बंद हो गई तो न सिर्फ दिल्ली की अर्थव्यस्था चरमरा जाएगी बल्कि दिल्ली की आधी से ज्यादा जनसख्यां बेरोजगार हो जाएगी। अजय माकन ने कहा कि हमने कल 1 फरवरी 2018 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित मॉनिटरिंग कमेटी से इंडिया हेबीटेट सेन्टर में मुलाकात करके मौजूदा कानून तथा मास्टर प्लान का हवाला देकर अपनी विस्तृत दलील पेश की कि दिल्ली में चल रही सीलिंग गैर कानूनी है और उसको तुरंत रोका जाए।
जिससे संबधित मॉनिटरिंग कमेटी को हमने प्रतिवेदन भी सौंपा था। माकन ने कहा कि 16 फरवरी 2006 में जिस समय कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार थी उस समय भी सर्वोच्च न्यायालय ने घरों में चलने वाले व्यवसायिक संस्थानों को सील करने के आदेश दिए थे, परंतु कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने मास्टर प्लान 2021 में संशोधन करके, विशेष कानून बनाकर तथा नोटिफिकेशन के द्वारा दिल्ली के उपर लटक रही सीलिंग की तलवार को हटाया था।
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