मकोका मामले में आप नेता नरेश बालियान की जमानत याचिका खारिज, हिरासत बढ़ी

Summary :

नरेश बालियान की जमानत याचिका खारिज, हिरासत 3 जून तक बढ़ी

राउज एवेन्यू कोर्ट ने आप नेता नरेश बालियान की मकोका मामले में जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिससे उनकी हिरासत 3 जून तक बढ़ा दी गई है। अदालत ने मामले की तेज सुनवाई का निर्देश दिया है। बालियान पर संगठित अपराध में शामिल होने का आरोप है, जिसके चलते उनकी जमानत कठिन हो गई है।

आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व विधायक नरेश बालियान को राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। मकोका के तहत दर्ज गंभीर मामले में उनकी नियमित जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। दिल्ली पुलिस की ओर से जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया गया, जिसे अदालत ने मानते हुए यह निर्णय सुनाया। नरेश बालियान इस समय न्यायिक हिरासत में हैं। कोर्ट ने उनकी हिरासत की अवधि को 3 जून तक के लिए बढ़ा दिया है। इसके साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया है कि मामले में आरोप तय करने की प्रक्रिया 3 जून से शुरू की जाएगी और इस पर रोजाना (डे टू डे) सुनवाई की जाएगी, जिससे मुकदमे की सुनवाई में तेजी लाई जा सके। मकोका के तहत दर्ज यह मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है। इसमें नरेश बालियान समेत कई अन्य आरोपियों पर संगठित अपराध में शामिल होने, अवैध गतिविधियों को अंजाम देने और आपराधिक गठजोड़ चलाने के आरोप हैं।

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पुलिस का दावा है कि इस गिरोह के तार कई संगठित अपराधों से जुड़े हैं। अदालत ने इस मामले में एक अन्य आरोपी विकास गहलोत के खिलाफ जांच में तेजी लाने के निर्देश भी दिल्ली पुलिस को दिए हैं। अदालत ने कहा है कि जांच में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाए। नरेश बालियान को मकोका जैसे गंभीर कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है, जो आमतौर पर संगठित अपराधियों पर काबू पाने के लिए लगाया जाता है।

इस कानून के तहत आरोपियों को जमानत मिलना कठिन होता है, क्योंकि इसमें अपराध की गंभीरता और संगठित गिरोह से जुड़े होने की पुष्टि करना जरूरी होता है। फिलहाल इस मामले पर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि नरेश बालियान दिल्ली की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं और उन्होंने आप पार्टी से विधायक के तौर पर काम किया है।

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