मुख्य सचिव के साथ बदसलूकी मामला : AAP नेता ने बताया भाजपा की साजिश, बोले – मारो-मारो कहते हुए भीड़ मेरी तरफ दौड़ी

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अंशु प्रकाश के साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास में कथित रूप से आप विधायकों के मारपीट की घटना के बाद इस संबंध में आम आदमी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आप नेता आशीष खेतान ने सचिवालय में अपने साथ हुई बदसलूकी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों के हुजूम ने मारो-मारो की नारेबाजी की। उन्होंने बताया कि 150 लोगों का हुजूम था जो अपने आप में ही चौंकाने वाली बात है। मैं लिफ्ट का वेट कर रहा था तभी 30 से 35 लोग मारो-मारो के नारे लगाते हुए आए।

खेतान ने कहा कि 30 लोग मेरी तरफ भागे और भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाए गए। पीछे की लिफ्ट में भीड़ ने अंदर आने की कोशिश की। मेरे स्टाफ को चोट आई है, लिफ्ट ऑपरेट कर रहे शख्स को मुक्के मारे गए। खेतान ने बताया कि ये घटना दोपहर 1 बजे के आसपास की है। उन्होंने बताया कि मेरे ऊपर हमला करने के बाद इमरान हुसैन पर हमला किया गया। उन्होंने कहा कि मेरे साथ मेरा स्टाफ था जिन्होंने मुझे बचाने की पूरी कोशिश की। इस पूरे घटनाक्रम में मेरे स्टाफ वालों को चोट आई है।

वही, आशीष खेतान ने आरोप लगाया कि सचिवालय में मंत्री इमरान हुसैन के साथ मारपीट की गई। उन्होंने ये भी कहा कि दिल्ली सचिवालय जहां से सरकार चलती है, जहां पर CM बैठते हैं, वहां दिल्ली पुलिस द्वारा उन गुंडों को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। खेतान ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘मुझे बचाने के लिए भी पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया, सारी फुटेज CCTV में है। दिल्ली पुलिस बताए कि अब तक क्या कार्यवाही की है? उन्होंने साफ आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार को अस्थिर करने की साजिश की जा रही है।

यही नहीं, आम आदमी पार्टी ने इस संबंध में राजनाथ सिंह की तरफ से किए गए ट्वीट पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री ने अपने ट्वीट में ही फैसला कर लिया की कौन दोषी है। आप ने कहा कि गृहमंत्री को पहले निस्पक्ष जांच करनी चाहिए थी। बता दें कि राजनाथ सिंह ने ट्वीट में लिखा था कि दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव के साथ जो हुआ, वो बेहद दुखद है। उन्होंने ये भी लिखा कि नौकरशाहों को सम्मान और भयमुक्त तरीके से काम करने देना चाहिए।

वही, दिल्ली की सहायक सचिव मनीषा सक्सेना ने बताया, ‘मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को देर रात में सीएम, डेप्यूटी सीएम और विधायकों के साथ मीटिंग के लिए बुलाया गया। जब वो पहुंचे तो उनके साथ बदसलूकी हुई। ऐसा बहुत दिनों से हो रहा कि अफसरों से बुरा बर्ताव किया जाता है और बदतमीजी से बात की जाती है।’

उधर, डीएन सिंह ने कहा कि हमने उप राज्यपाल अनिल बैजल से मिलकर आप के विधायकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है। ये संविधान पर हमला है, हमने कभी इस तरह की घटना आज से पहले नहीं देखी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आप के विधायकों को बर्खास्त किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि जल्द ही आईएएस अधिकारी राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।

बता दें कि इस घटना के बाद से दिल्ली के आईएएस अधिकारी सरकार से नाराज हैं। इसी के चलते दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। साथ ही, दिल्ली सचिवालय भवन के अंदर और बाहर अधिकारियों का हंगामा जारी है।

क्या है मामला?

 दरअसल, सोमवार देर रात दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने आवास पर बैठक बुलाई थी। इस बैठक में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश भी शामिल हुए थे। उन्होंने इस बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी के दो विधायकों पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। हालांकि, आप विधायक प्रकाश ने मुख्य सचिव पर जातिसूचक शब्द इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। साथ ही दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि बैठक में अधिकारियों और विधायकों के बीच सिर्फ बहस हुई।

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Desk Team