आम आदमी पार्टी (आप) कें सांसदों ने बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने के विरोध में संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण का बहिष्कार किया।
आप के लोकसभा सदस्यों साधु सिंह, भगवंत मान व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, सुशील गुप्ता व एन.डी.गुप्ता ने हाथों में तख्तियां लेकर संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के पास नारे लगाए। आप सांसद दिल्ली में सीलिंग मुहिम के खिलाफ, केंद्र सरकार के सिंगल ब्रांड खुदरा बाजार में एफडीअई की अनुमति व निर्वाचन आयोग द्वारा 20 आप विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। आप के सांसद नारे लगा रहे थे, ‘लोकतंत्र में तानाशाही नहीं चलेगी।’
विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘देश में दो नियम नहीं हो सकते।’ आप नेता ने कहा कि दूसरे राज्यों में उच्च न्यायालय ने संसदीय सचिवों की नियुक्ति को रद्द कर दिया, लेकिन विधायकों की सदस्यता नहीं रद्द की गई।
इस महीने की शुरुआत में निर्वाचन आयोग ने आप के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराने की सिफारिश की थी, जिसे राष्ट्रपति ने मंजूरी दे दी। इन विधायकों पर दिल्ली में संसदीय सचिव के रूप में लाभ का पद धारण करने का आरोप था। इससे पहले आप के नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्यों ने शपथ ली।
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