Delhi में पुराने वाहनों पर प्रशासन सख्त, 80 वाहन जब्त, ANPR से पहचान

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Delhi में पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। बता दें कि 15 साल पुरानी पेट्रोल वाहन और 10 साल पुराने डीजल वाहनों का दिल्ली की सड़कों पर चलाने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन वाहनों की पहचान करने के लिए पेट्रोल पंपो पर ANPR तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। अभी तक दिल्ली में 80 वाहन को जब्त कर लिया गया और 90 पुराने वाहनों की पहचान की गई है। जानें EOL वाहन के बारे में बता दें कि दिल्ली में 1 जुलाई से लागू किए इस प्रतिबंध के तहत सभी…

Delhi में पुराने वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। बता दें कि 15 साल पुरानी पेट्रोल वाहन और 10 साल पुराने डीजल वाहनों का दिल्ली की सड़कों पर चलाने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन वाहनों की पहचान करने के लिए पेट्रोल पंपो पर ANPR तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। अभी तक दिल्ली में 80 वाहन को जब्त कर लिया गया और 90 पुराने वाहनों की पहचान की गई है।

जानें EOL वाहन के बारे में

बता दें कि दिल्ली में 1 जुलाई से लागू किए इस प्रतिबंध के तहत सभी पेट्रोल पंपो पर EOL वाहनों को पेट्रोल या डीजल देने पर रोक लगा दी गई है। बता दें कि EOL वाहनों को 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल और 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल वाहन माना जाता है। बता दें कि इसका उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर रोक लगाना और शहर की बिगड़ती वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है।

दिल्ली में 60.14 लाख EOL वाहन

दिल्ली में लगभग 60.14 लाख EOL वाहन मौजूद हैं। जिनमें 41 लाख दोपहिया और 18 लाख चार पहिया वाहन शामिल हैं। साथ ही पेट्रोल पंपो के संचालकों को पेट्रोल देने से मना करना, जरूरी जानकारी देना और गैर-अनुपालन की साप्ताहिक रिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है। वहीं पेट्रोल पंपो में उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 192 के अंतर्गत जुर्माना लगाया जा सकता है।

ANPR कैमरे से पहचान

पुराने वाहनों की पहचान के लिए 498 पेट्रोल पंपो और तीन आईएसबीटी पर स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरा लगाए गए है। ये कैमरे वाहन पर लगे प्लेट को स्कैन करते हैं और VAHAN डेटाबेस के माध्यम से जानकारी देते है। इस दौरान पुराने वाहनों की पहचान की जाती है और पेट्रोल या डीजल देने से मना कर दिया जाता है। साथ ही वाहन को जब्त करके स्क्रैपिंग की कार्रवाई के लिए एजेंसियों को अलर्ट भेजा जाता है।

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Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।