‘मनीष शर्मा थे साजिश के मास्टरमाइंड…’, दिल्ली AI Summit प्रदर्शन केस में बोली दिल्ली पुलिस

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AI Summit Protest Case Update: दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने अपनी दलीलें पेश कीं। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि यह प्रदर्शन किसी तकनीकी या नीतिगत मुद्दे से जुड़ा नहीं था, बल्कि इसे राजनीतिक उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस मामले में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की है, जिसका दिल्ली पुलिस ने विरोध किया है। AI Summit Protest Case Update: अंतरराष्ट्रीय आयोजन की छवि खराब करने का आरोप दिल्ली…

AI Summit Protest Case Update: दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने अपनी दलीलें पेश कीं। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि यह प्रदर्शन किसी तकनीकी या नीतिगत मुद्दे से जुड़ा नहीं था, बल्कि इसे राजनीतिक उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इस मामले में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की है, जिसका दिल्ली पुलिस ने विरोध किया है।

AI Summit Protest Case Update: अंतरराष्ट्रीय आयोजन की छवि खराब करने का आरोप

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा कि भारत में आयोजित AI समिट एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम था। इस सम्मेलन में दुनिया के लगभग 100 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। पुलिस के अनुसार करीब 92 देशों के प्रतिनिधि और यूरोपीय संघ के सदस्य देश भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि यह अपने तरह का पहला बड़ा एआई सम्मेलन था, जो भारत की मेजबानी में आयोजित किया गया।

ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान किया गया यह विरोध प्रदर्शन देश की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश माना जा रहा है। पुलिस ने अदालत को बताया कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंच पर घरेलू राजनीतिक मतभेदों को उठाना उचित नहीं था। उनके मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का इस्तेमाल राजनीतिक संदेश देने के लिए किया, जिससे आयोजन की गरिमा प्रभावित हुई।

मनीष शर्मा को बताया मुख्य साजिशकर्ता

दिल्ली पुलिस ने अपनी दलीलों में मनीष शर्मा को इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता और फ्रंटमैन बताया। पुलिस के मुताबिक मनीष शर्मा युवा कांग्रेस में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी संभालते हैं और प्रदर्शन की योजना उनके निर्देशों के तहत बनाई गई थी। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन से पहले एक रेस्तरां में बैठक आयोजित की गई थी, जहां इस पूरे कार्यक्रम की रणनीति तैयार की गई।

जांच एजेंसियों के पास उस बैठक की सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है। पुलिस ने यह भी कहा कि मनीष शर्मा ने सिद्धार्थ अवधूत नाम के व्यक्ति को फोन कर बैठक में बुलाया था। इसके अलावा युवा कांग्रेस के अंदर भी इस प्रदर्शन को लेकर कई बार चर्चा और बैठकें हुई थीं। पुलिस के अनुसार इन बैठकों में विरोध प्रदर्शन की योजना तैयार की गई थी।

हाई सिक्योरिटी एरिया में हुआ था प्रदर्शन

दिल्ली पुलिस के अनुसार यह प्रदर्शन उस समय हुआ जब एआई समिट का आयोजन चल रहा था। कार्यक्रम स्थल हाई सिक्योरिटी जोन में था, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस के मुताबिक कुल 12 लोग वहां मौजूद थे, जिनमें से नौ लोगों ने शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। इन लोगों ने राजनीतिक संदेश वाले टी-शर्ट पहनकर नारेबाजी भी की। मौके पर मौजूद सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का कहना है कि यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन था और इससे कार्यक्रम की व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती थी।

जांच अभी जारी, जमानत का विरोध

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से कहा कि इस मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस प्रदर्शन के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस का कहना है कि अगर इस समय मनीष शर्मा को अग्रिम जमानत मिल जाती है, तो जांच प्रभावित हो सकती है। इसलिए उन्होंने अदालत से उनकी जमानत याचिका को खारिज करने की मांग की है। पुलिस ने यह भी कहा कि इस मामले में कई लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

फरवरी में हुआ था विरोध प्रदर्शन

गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन फरवरी 2026 में भारत मंडपम में आयोजित AI समिट के दौरान हुआ था। उस समय युवा कांग्रेस से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने राजनीतिक संदेश वाली टी-शर्ट पहनकर विरोध जताया था। इस घटना के बाद सुरक्षा और राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हुई थी। फिलहाल मामले की सुनवाई जारी है और अदालत अगली तारीख पर मनीष शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुना सकती है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।