Delhi Crime News : अगर आप नई दिल्ली रेलवे स्टेशन या किसी दूसरे रेलवे स्टेशन के बाहर सस्ते होटल या कमरे का लालच देने वाले दलालों के झांसे में आ जाते हैं, तो सावधान हो जाइए। ऐसे दलाल आपको होटल तक ले जाकर हनी ट्रैप में फंसा सकते हैं और फिर मारपीट, धमकी या झूठे आरोपों के डर से आपकी जेब खाली कर सकते हैं। ऐसा ही एक मामला राजधानी के पहाड़गंज इलाके में सामने आया, जहां भारतीय सेना के एक जवान को जबरन जिस्मफरोशी का लालच देकर होटल में बंधक बनाया गया और उससे रुपये लूट लिए गए।
इस मामले में पहाड़गंज थाना पुलिस ने फरार दलाल को भी गिरफ्तार कर पूरे गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान समीर आलम, सोहेल अख्तर, वेटर छोटे लाल और स्वीपर संजय के रूप में हुई है। डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि आरोपियों को एसएचओ भूपेंद्र कुमार की देखरेख में सब इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह, संदीप के नेतृत्व की टीम ने पकड़ा है।
डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि घटना दिसंबर 2025 की है। सिक्किम में तैनात भारतीय सेना का जवान पंजाब जाने वाली ट्रेन पकड़ने से पहले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ठहरने के लिए कमरा तलाश रहा था। तभी स्टेशन के बाहर मौजूद दलाल समीर आलम ने उसे मात्र 600 रुपये में कमरा दिलाने का झांसा देकर पहाड़गंज स्थित होटल एवी इंटरनेशनल पहुंचा दिया।
होटल में कमरा लेने के बाद दलाल और उसके साथियों ने जवान पर बार-बार महिला की “सर्विस” लेने का दबाव बनाया। जवान को साफ इनकार के बावजूद एक महिला उसके कमरे में पहुंच गई। कुछ ही देर बाद उसने अपने साथियों को बुला लिया। तीन आरोपी कमरे में घुस आए, जवान को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर उसके बैंक खाते से गूगल पे के जरिए 7,500 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। आरोपियों ने उसके सामान की भी तलाशी ली और नकदी तलाशने की कोशिश की।
होटल मैनेजर ने पीड़ित को दी धमकी
जब पीड़ित ने होटल मैनेजर से शिकायत की तो उसे घटना का खुलासा न करने की धमकी दी गई। शिकायत मिलने के बाद पहाड़गंज थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। अगले ही दिन पुलिस ने होटल पर छापा मारकर होटल मैनेजर सोहेल अख्तर, वेटर छोटे लाल और स्वीपर संजय को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को सस्ते होटल का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद महिला को कमरे में भेजकर बदनामी और झूठे केस का डर दिखाते हुए उनसे रुपये ऐंठे जाते थे। करीब आठ महीने तक फरार रहने के बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दलाल समीर आलम को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने पूरे षड्यंत्र में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने कितने अन्य यात्रियों को इसी तरीके से निशाना बनाया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।



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