पटना : अधिवेशन भवन में बिहार प्रदेश भाजपा की ओर से अटल जी की स्मृति में आयोजित ‘काव्यांजलि’ के शुभारंभ के पूर्व श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पं. नेहरू और श्रीमती इंदिरा गांधी के बाद अटल जी पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्हें जनता ने चुना था।
2008 के बाद अस्वस्थता की वजह से वे लोकदृष्टि से ओझल रहे, किसी ने अटल जी की आवाज नहीं सुनी, मगर उनकी शव यात्रा में लाखों की उमड़ी भीड़ उनकी असीम लोकप्रियता का परिचायक थी।
अटल जी का बिहार से गहरा लगाव था। वे अक्सर कहा करते थे कि आप तो बिहारी है, मैं अटल बिहारी हूं। दीघा-सोनपुर रेल पुल, मुंगेर में गंगा पर रेल पुल, कोसी पर बना महासेतु, बाढ़ सुपर थर्मल पावर स्टेशन आदि अटल जी की बिहार को दी गई महत्वपूर्ण भेंट हैं जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता है।
कवियों में ख्यातनाम डा. बुद्धिनाथ मिश्र, डा. सुनील योगी, प्रख्यात मिश्रा, श्रीमती किरण धई, आदि ने अपनी रचनाओं से अटल जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा मंच संचालन गजेन्द्र सोलंकी ने किया।
काव्यांजलि समारोह में केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, बिहार के पथ निर्माण मंत्री नन्द किशोर यादव, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, राज्यसभा के सदस्य आर के सिन्हा सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी व नेता आदि उपस्थित थे।


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