नई दिल्ली : नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के सातवें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि वकीलों की भूमिका पर ध्यान देने की जरूरत है। शनिवार को आयोजित हुए समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि हमें यह समझने की जरूरत है कि कानून से स्नातक करने वाले छात्र अच्छे अवसरों होने के बाद भी कानूनी पेशे को क्यों नहीं चुनते हैं।
उन्होंने कहा कि वकील सलाहकार सहित अन्य पदों के रूप में काम कर रहे हैं। कानून के तहत उनके अधिकारों को सुरक्षित रखने में उनकी मदद करते हैं। अपने मुवक्किलों के लिए कार्य करते समय वह कानून की व्याख्या और न्यायाधीशों को कानूनी प्रस्तावों को निर्धारित करने में मदद करते हैं।
वहीं शिक्षण संस्थानों की महत्वता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कानून के शिक्षण संस्थानों का उद्देश्य ऐसे वकीलों को सामने लाना है जो बार के भावी नेताओं के रूप में देश की सेवा कर सकेंगे। इस मौके पर दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल, जस्टिस राजीव सहाय, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, मुख्य सचिव विजय देव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।


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