नई दिल्ली : ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि बाबरी मस्जिद के लिए वो कोर्ट में लड़ रहे हैं और लड़ते रहेंगे। बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि कोर्ट मे लड़कर मस्जिद के लिए जमीन हासिल करने की कोशिशें करते रहेंगे, ना कि कोर्ट के बाहर समझौता कर जमीन को दूसरे पक्ष को तोहफे में दे देंगे। बोर्ड ने कहा, ‘बाबरी मस्जिद एक मस्जिद है और कयामत तक मस्जिद रहेगी।
उसे शहीद करने से उसकी पहचान नहीं खो जाती। बोर्ड ने कहा कि बाबरी मस्जिद का दोबारा निर्माण करने के लिए संघर्ष जारी है और सुप्रीम कोर्ट में जो मुकदमा चल रहा है, बोर्ड उसे पूरी ताकत से लड़ेगा। बोर्ड को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट मामले में सच्चाई को समझेगा और बोर्ड और मुस्लिमों को सफलता मिलेगी।
तीन तलाक बिल महिला विरोधी’
बोर्ड में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन तलाक बिल को लेकर भी विरोध दर्ज कराया गया। बोर्ड ने इसे महिला विरोधी बिल माना है। बोर्ड ने राज्य सभा में बिल रोकने के लिए कोशिश जारी रखने की बात कही है। इसके लिए विपक्षी पार्टियों से संपर्क बढ़ाने की जरूरत बताई गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुरान में कही गई बातों को बदलने या बदलने के सुझाव को को कबूल नहीं करने की बात कही गई। बोर्ड का कहना है कि भारत का संविधान धर्मनिरपेक्ष है और इसलिए मुस्लिमों को हक है कि वे अपने धर्म के मुताबिक अमल करें और इसमें किसी के दखल को कबूल न करें।
मुस्लिमों को शरीयत समझाने के लिए अभियान
बोर्ड ने कहा कि सही तरह से पालन करने के लिए मुस्लिमों को शरीयत के बारे में बताने के लिए बताने की कोशिश करेगा और इसके लिए एक अभियान चलाया जाएगा। बोर्ड ने कहा कि अगर मुस्लिमों ने एकता नहीं दिखाई और खुद को बिखरने से नहीं रोका तो उनके लिए देश में सम्मान के साथ रहना मुश्किल हो जाएगा।
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