Beating Retreat Ceremony 2026: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गणतंत्र दिवस समारोह के तहत 29 जनवरी को विजय चौक पर आयोजित होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी को लेकर विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। राष्ट्रपति भवन, नॉर्थ और साउथ ब्लॉक तथा संसद भवन की विशेष रोशनी के चलते सुरक्षा और यातायात व्यवस्था कड़ी की गई है। एडवाइजरी के अनुसार, 29 जनवरी को दोपहर 2 बजे से रात 9.30 बजे तक ट्रैफिक प्रतिबंध लागू रहेंगे और विजय चौक आम वाहनों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा।
Delhi Traffic Advisory: इन रास्तों पर आवागमन रहेगा प्रतिबंधित
इस दौरान रफी मार्ग (सुनहरी मस्जिद गोलचक्कर से कृषि भवन गोलचक्कर तक), कृषि भवन गोलचक्कर से विजय चौक की ओर रायसीना रोड, दारा शिकोह रोड, कृष्णा मेनन मार्ग और सुनहरी मस्जिद गोलचक्कर से विजय चौक की ओर जाने वाली सड़कें बंद रहेंगी। इसके अलावा विजय चौक और ‘सी’ हेक्सागन के बीच कर्तव्य पथ पर भी ट्रैफिक की अनुमति नहीं होगी।
Republic Day Celebrations: बसों के रूट डायवर्ट, इन वैकल्पिक मार्गों की सलाह
दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और अन्य सिटी बसों को दोपहर 2 बजे से रात 9.30 बजे तक डायवर्ट किया जाएगा। सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कनॉट प्लेस, ओल्ड दिल्ली रेलवे स्टेशन, लाल किला, ISBT कश्मीरी गेट और दक्षिण व दक्षिण-पूर्व दिल्ली की ओर जाने वाली बसों के लिए अलग-अलग डायवर्जन तय किए गए हैं। आम वाहन चालकों को रिंग रोड, रिज रोड, अरबिंदो मार्ग, सफदरजंग रोड–कमल अतातुर्क मार्ग, रानी झांसी रोड और मिंटो रोड जैसे वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक पुलिस की अपील
विजय चौक पर रोशनी देखने आने वाले लोगों के लिए शाम 7 बजे के बाद रफी मार्ग और ‘C’ हेक्सागन के बीच पानी की नहरों के पीछे पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने, किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को देने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं। नियमित अपडेट दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट, सोशल मीडिया, WhatsApp नंबर 8750871493 और हेल्पलाइन 1095 व 011-25844444 पर उपलब्ध रहेंगे।
What is the Beating Retreat ceremony? क्या होता है बीटिंग रिट्रीट?

बीटिंग रिट्रीट एक औपचारिक सैन्य परंपरा है, जो 26 जनवरी के बाद 29 जनवरी को नई दिल्ली के विजय चौक पर आयोजित होती है। यह समारोह गणतंत्र दिवस समारोहों के औपचारिक समापन का प्रतीक माना जाता है। इसमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बैंड देशभक्ति धुनें बजाते हैं। सूर्यास्त के समय बिगुल बजाकर झंडा उतारने की परंपरा निभाई जाती है। राष्ट्रपति इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होते हैं। रोशनी से सजा राष्ट्रपति भवन और संगीतमय प्रस्तुति इस समारोह को बेहद भव्य और भावनात्मक बनाती है।
बीटिंग रिट्रीट की शुरूआत कब से हुई?
बीटिंग रिट्रीट की शुरुआत 17वीं शताब्दी में ब्रिटेन में हुई थी। भारत में यह परंपरा ब्रिटिश काल के दौरान शुरू हुई और स्वतंत्रता के बाद भी इसे जारी रखा गया। आज यह समारोह गणतंत्र दिवस समारोहों के समापन का प्रतीक माना जाता है।
Beating Retreat Ceremony 2026: मुख्य अतिथि कौन होता है?
बीटिंग रिट्रीट समारोह के मुख्य अतिथि भारत के राष्ट्रपति होते हैं।
क्यों जरूरी है यह प्रोग्राम?
बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम इसलिए जरूरी है क्योंकि यह गणतंत्र दिवस समारोहों के औपचारिक समापन का प्रतीक होता है। यह सेना की अनुशासन, परंपरा और एकता को दर्शाता है। देशभक्ति संगीत के माध्यम से नागरिकों में राष्ट्र के प्रति सम्मान और गर्व की भावना जागृत होती है। साथ ही, यह भारत की सैन्य विरासत और सांस्कृतिक गरिमा को उजागर करता है।
बीटिंग रिट्रीट शुरू होने का समय क्या है?
29 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के विजय चौक पर होने वाला ऐतिहासिक बीटिंग रिट्रीट समारोह शाम 4:45 बजे शुरू होगा।
Beating Retreat Ceremony 2026: बीटिंग रिट्रीट का क्या अर्थ है?
बीटिंग द रिट्रीट भारत के गणतंत्र दिवस समारोह की समाप्ति का सूचक है। इस कार्यक्रम में थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बैंड पारंपरिक धुन के साथ मार्च करते हैं। यह सेना की बैरक वापसी का प्रतीक है। गणतंत्र दिवस के पश्चात हर वर्ष 29 जनवरी को बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।
























