छत्तीसगढ़ के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने रविवार को कहा कि अजीत जोगी की पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच प्रदेश में गठबंधन से भाजपा को नुकसान होगा, जो इस ”भ्रम” में है कि आने वाले प्रदेश विधानसभा चुनावों में इससे कांग्रेस की संभावनाएं प्रभावित होंगी।
कांग्रेस अगर यहां सत्ता में आती है तो टीएस सिंहदेव और चरणदास महंत जैसे नेताओं के साथ प्रदेश में मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में से एक माने जा रहे बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के लिये कोई दावेदार नहीं है और इस पर चुनाव के बाद फैसला किया जाएगा।
बघेल ने कहा, ”कोई दावेदार (मुख्यमंत्री पद के लिए) नहीं है और हम सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगे। चुनावों के बाद विधायक दल और पार्टी आलाकमान फैसला करेगा कि कौन मुख्यमंत्री होगा। यह विवादित मुद्दा नहीं है।”
कांग्रेस यहां भाजपा को सत्ता से बाहर करने की कोशिश में लगी है जो 2003 से राज्य में शासन कर रही है। यह पूछे जाने पर कि क्या अजीत जोगी के नेतृत्व वाली जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) कांग्रेस के वोटबैंक में सेंध लगाएगी, बघेल ने कहा, ”नहीं, क्योंकि बसपा का वोट प्रतिशत महज चार फीसद है और जोगी का वोटर भी वही है जो बसपा का है। इसलिये, मुझे नहीं लगता कि यह (गठबंधन) कोई बड़ा अंतर पैदा करेगा।”
उन्होंने दावा किया कि जोगी-बसपा गठबंधन से भाजपा को नुकसान होगा कांग्रेस को नहीं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित सीटों पर 2013 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को सिर्फ एक सीट पर जीत हासिल हुई थी जबकि भाजपा को तब नौ सीटें मिली थीं।
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बघेल ने कहा, ”उनका (जोगी-मायावती) के समर्थक अधिकतर अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं। इसलिये, अगर उन्हें कुछ सीटें मिल भी गईं, जो संभव नहीं लगता, तो इससे भाजपा के सीटों की संख्या कम होगी।” भाजपा नेता सरोज पांडे ने कथित तौर पर कहा था कि जोगी-बसपा गठबंधन से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को ज्यादा नुकसान होगा।
इस बारे में बघेल ने कहा कि भगवा दल इस ”भ्रम” में है कि इस गठजोड़ से विपक्षी दल को नुकसान होगा। बघेल ने कहा, ”इसलिये उन्होंने (भाजपा ने) यह गठबंधन करवाया। जोगी अकेले कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने में नाकाम रहते, इसलिये बसपा को भी उनके साथ जोड़ा गया। जोगी का मुद्दा काम नहीं करेगा।”
कांग्रेस के बसपा से गठबंधन करने में विफल रहने के सवाल पर उन्होंने कहा, ”जहां तक बसपा का सवाल है, उनके साथ बात जारी थी और अचानक हमें पता चला कि उन्होंने जोगी की पार्टी के साथ गठजोड़ कर लिया।” छत्तीसगढ़ में दो चरणों में 12 और 20 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं।


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