‘देश एक राग 3’ के माध्यम से वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का मनाया जश्न

Summary :

Independence day : भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है। इसमौके पर आईटीसी संगीत रिसर्च एकेडमी ने ‘देश एक राग 3’ नाम से एक संगीत वीडियो के माध्यम से विशेषप्रस्तुति दी है। इस रचना को राग ‘देश’ पर तैयार किया गया है। आईटीसी एसआरए के गुरुओं, शिष्यों और संगीत प्रशिक्षकों के साथअन्य संगीतकारों ने इसे अपनी प्रस्तुति से जीवंत किया है। यह प्रस्तुति उस गीत केप्रति गहरी श्रद्धा को दर्शाती है, जो लंबे समय से भारत के राष्ट्रीय जागरण, गौरव और एकता का प्रतीक रहा…

Independence day : भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् 150 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है। इसमौके पर आईटीसी संगीत रिसर्च एकेडमी ने ‘देश एक राग 3’ नाम से एक संगीत वीडियो के माध्यम से विशेषप्रस्तुति दी है। इस रचना को राग ‘देश’ पर तैयार किया गया है। आईटीसी एसआरए के गुरुओं, शिष्यों और संगीत प्रशिक्षकों के साथअन्य संगीतकारों ने इसे अपनी प्रस्तुति से जीवंत किया है। यह प्रस्तुति उस गीत केप्रति गहरी श्रद्धा को दर्शाती है, जो लंबे समय से भारत के राष्ट्रीय जागरण, गौरव और एकता का प्रतीक रहा है। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व आईटीसी के चेयरमैन संजीव पुरी ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट के माध्यमसे इस विशेष प्रस्तुति को साझा किया।

150 वर्ष पूरे होने के सम्मान में तैयार

उन्होंने कहा कि भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ‘देश एकराग 3’ प्रस्तुत करते हुए मुझे बेहद खुशी हो रही है। इसे वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के सम्मान में तैयार किया गया है। हमारा राष्ट्रीय गीत राष्ट्रभक्ति, एकता और मातृभूमि के प्रति प्रेम केअपने कालजयी संदेश से आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है। इस खास अवसर के लिए आईटीसीसंगीत रिसर्च एकेडमी के गुरुओं, संगीतप्रशिक्षकों और शिष्यों ने विशेष रूप से इसकी परिकल्पना और प्रस्तुति की है। ‘देशएक राग 3’ हमारे महान राष्ट्र और इसकी समृद्ध सांस्कृतिकविरासत के प्रति आईटीसी की भावपूर्ण श्रद्धांजलि है।

‘गुरु-शिष्य परंपरा’ को प्रस्तुति के केंद्र में रखा गया

वंदे मातरम् की यह विशेष प्रस्तुति हमारे देश की गायन और वाद्य संगीत परंपराओं को खूबसूरती से सामने लातीहै, जिन्हें आईटीसी एसआरए ने लगभग पांचदशकों से संरक्षित और संवर्धित किया है। ‘देश एक राग’ की शुरुआत दो साल पहले भारत के 78वें स्वतंत्रता दिवस पर हुई थी। इसका पहला संस्करण देश को समर्पित एक संगीतमयप्रस्तुति के रूप में तैयार किया गया था। 2025 में ‘देश एक राग 2’ के साथ इस पहल की वापसी हुई। इसमें‘गुरु-शिष्य परंपरा’ को प्रस्तुति के केंद्र में रखा गया और शास्त्रीय नृत्य को भीइसमें शामिल किया गया। इन दोनों संस्करणों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर लाखों व्यूजऔर लोगों की सराहना मिली।

Sumant Chaudhary