नई दिल्ली : राष्ट्रीय प्रवक्ता और नई दिल्ली से सांसद मीनाक्षी लेखी ने मंगलवार को सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में एक जनसभा को संबोधित किया जिसमें तीन हजार से अधिक लोग नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में एकत्रित हुए थे। इस अवसर पर नागरिकता संशोधन कानून के मुख्य बिंदुओं को दर्शाने वाला एक वीडियो भी कार्यक्रम में दिखाया गया। सांसद लेखी ने नागरिकता संशोधन कानून पर चर्चा करते हुए कहा कि हमें यह समझना होगा कि यह कानून क्या है और कुछ लोग दुर्भावनावश जानबूझ कर अपने राजनीतिक फायदे के लिए लोगों के गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की जनसंख्या केवल तीन प्रतिशत रह गई है, जबकि पहले 23 प्रतिशत थी। भारत में अल्पसंख्यकों की जनसंख्या आजादी के बाद बढ़ी है। फिर भी कुछ लोग हमारे खिलाफ सवाल उठाते हैं, पाकिस्तान के खिलाफ नहीं। इस कानून का भारतीय नागरिकों से कोई संबंध नहीं है और इसे लेकर समाज को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
लेखी ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वाले विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि जो लोग भारत में 28 से 30 वर्षों से रह रहे हैं, वे अपने बच्चों का दाखिला स्कूलों में नहीं करवा सकते, घर नहीं खरीद सकते क्योंकि उन्हें नागरिकता नहीं मिली है। हमारे विरोधी दल वोट बैंक की राजनीति करने के अलावा कुछ नहीं कर सकते हैं। केन्द्र सरकार ने कुछ भी गलत नहीं किया क्योंकि इस कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है।


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