नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जानबूझकर अनधिकृत कालोनियों में मालिकाना हक को लेकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद ने अनधिकृत कॉलोनियों में मालिकाना हक देने का बिल पारित किया था।
मालिकाना हक दिया जाना नियमितीकरण से कहीं अधिक व्यापक और लाभदायक है। इसके अंतर्गत मकान मालिक को जमीन का हक मिल जाता है। सरकार मात्र अनधिकृत ढांचे को ही नियमित नहीं कर रही है। वह प्लॉट अथवा बिल्डिंग के मालिक को अपने मकान तथा प्लॉट की ही नहीं अपितु पूरी कॉलोनी के पुनर्विकास की चाबी सौंप रही है।
गुप्ता ने कहा कि मोदी सरकार ने आय कर कि नियमों में विशेष प्रावधान कर कच्ची कॉलोनियों को केपिटल-गेन टैक्स से 100 प्रतिशत छूट दी है। रजिस्ट्री नियमानुसार सर्किल रेट पर होती है। पर कच्ची कालोनी के निवासी को सर्किल रेट के मात्र 0.25 से 0.50 पर ही ट्रांसफर ड्यूटी का भुगतान करना होगा। अब वे इन पर ऋण भी ले सकते हैं और अपनी आवश्यकतानुसार दिल्ली नगर निगम के बायलोज के मुताबिक निर्माण भी कर सकते हैं।


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