Delhi Municipal Corporation : दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कड़कड़डूमा गांव स्थित दिल्ली नगर निगम के प्राथमिक प्रतिभा विद्यालय में बुधवार सुबह स्कूल परिसर में ही बंदरों के झुंड ने एक छात्रा पर हमला कर दिया। हमले में वर्षा कुमारी नाम की छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। स्कूल परिसर में हुई इस घटना ने न केवल बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी, बल्कि निगम के उन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनकी जिम्मेदारी स्कूल परिसर को सुरक्षित रखने की है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, स्कूल परिसर में बड़ी संख्या में पेड़ हैं और इनकी शाखाएं लंबे समय से घनी होकर फैली हुई हैं। आरोप है कि पेड़ों की नियमित छंटाई नहीं होने के कारण बंदरों को परिसर में छिपने और आने-जाने के लिए सुरक्षित जगह मिल रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि बंदरों की मौजूदगी कोई नई समस्या नहीं है और कई बार इनके संबंध में शिकायतें भी की जा चुकी हैं। इसके बावजूद कथित तौर पर निगम के संबंधित विभाग ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पेड़ों की छंटाई के लिए निगम के उद्यान विभाग के अधिकारी मोहित शर्मा को भी कई बार शिकायत दी गई थी। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद पेड़ों की छंटाई नहीं कराई गई।
बच्चों की सुरक्षा पर निगम की तैयारी सवालों के घेरे में…
घटना के बाद स्कूल में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि घायल छात्रा को तत्काल पर्याप्त प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए स्कूल में जरूरी सुविधाएं मौजूद नहीं हैं। ऐसे में सवाल यह है कि किसी बच्चे के साथ स्कूल परिसर में गंभीर हादसा होने की स्थिति में तत्काल उपचार की जिम्मेदारी कौन उठाएगा?
यह विद्यालय दिल्ली नगर निगम की उप महापौर डॉ. मोनिका पंत के वार्ड में आता है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने निगम प्रशासन से जवाब मांगते हुए कहा है कि जब स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी समस्या सामने आने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती तो फिर शिकायतों का फायदा क्या है।



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