नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने यातायात में बाधक बन रहे पश्चिम दिल्ली के राजा गार्डन फ्लाईओवर के नीचे बने बैंक्वेट हाल को 30 मार्च से बंद करने का शुक्रवार को आदेश दिया। न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने टिप्पणी की कि शीर्ष अदालत द्वारा राजधानी में अनधिकृत निर्माणों की सीलिंग के मामले में नियुक्त निगरानी समिति ने भी कहा है कि यह बैंक्वेट हाल दिल्ली के मास्टर प्लान-2021 और भवन उपनियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करके चल रहा है।
इस मामले में न्यायमित्र की भूमिका निभा रहे वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार ने पीठ से कहा कि राजा गार्डन फ्लाईओवर के नीचे चल रहा बैंक्वेट हाल बंद किया जाना चाहिए क्योंकि इससे वहां यातायात में समस्या हो रही है। निगरानी समिति ने शीर्ष अदालत में दाखिल अपनी रिपोर्ट में कहा था कि दिल्ली सरकार की मंत्रिपरिषद ने 2011 में राजा गार्डन फ्लाईओवर के नीचे के क्षेत्र के सौन्दर्य को बढ़ाने का फैसला किया था।
रिपोर्ट के अनुसार लोक निर्माण विभाग और दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम ने मंत्रिपरिषद के इस फैसले का उल्लंघन करते हुये फ्लाईओवर के लिये बैंक्वेट हाल चलाने के लिये एक निजी फर्म के साथ समझौता किया। सुनवाई के दौरान जब न्यायमित्र ने निगरानी समिति की रिपोर्ट का जिक्र किया तो पीठ ने टिप्पणी की कि सरकार यह सब राजनीतिक दबाव और कारोबारियों की ओर से पड़ रहे दबाव की वजह से कर रही।
इसीलिये निगाह रखने और संतुलन बनाने के लिये अदालतें हैं। पीठ ने टिप्पणी की कि दिल्ली में फ्लाई ओवरों के नीचे कानून का उल्लंघन करके चल रही इस तरह की सभी गतिविधियां बंद की जानी चाहिए।


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