CM Rekha Gupta Action Plan 2026: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार राजधानी में वायु प्रदूषण के खिलाफ एक निर्णायक और व्यापक अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि वर्ष 2026-27 के ऐतिहासिक ग्रीन बजट के बाद दिल्ली सरकार ने एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026 (वायु प्रदूषण शमन कार्य योजना– 2026) लागू कर दिया है। यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में तैयार की गई है और स्वच्छ, हरित और सतत शहरी विकास के विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में ठोस कदम है। प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को ‘मुख्यमंत्री जनसेवा सदन’ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में केबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, मनजिंदर सिंह सिरसा, डॉ. पंकज कुमार सिंह, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, दिल्ली मेट्रो रेल निगम, यातायात पुलिस व सरकार के सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन बजट के जरिए दिल्ली सरकार ने साफ हवा और पर्यावरण को अपनी प्राथमिकता बनाया है। इस बजट में साफ परिवहन, धूल पर नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण की निगरानी के लिए पर्याप्त धन दिया गया है। एयर पॉल्यूशन मिटिगेशन एक्शन प्लान-2026 इन्हीं योजनाओं को तय समय में और पूरी जिम्मेदारी के साथ लागू करेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल घोषणा नहीं, बल्कि संसाधनों, तकनीक और सख्ती के साथ चलाया जा रहा अभियान है, जिसका मकसद दिल्ली के हर नागरिक को साफ और बेहतर हवा देना है।
वैज्ञानिक आधार पर तैयार योजना
यह एक्शन प्लान प्रदूषण के बड़े कारणों जैसे वाहनों का धुआं, सड़कों की धूल, निर्माण कार्य, फैक्ट्रियों का प्रदूषण और कचरा या बायोमास जलाने को ध्यान में रखकर वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया गया है। इसमें 11 अहम क्षेत्रों पर काम किया जाएगा और अलग-अलग विभाग मिलकर इसे लागू करेंगे। हर काम के लिए समय-सीमा व जिम्मेदारी तय है और रियल-टाइम निगरानी की व्यवस्था भी की गई है। ग्रीन बजट से इन सभी योजनाओं के लिए पर्याप्त पैसा दिया गया है ताकि इन्हें समय पर और सही तरीके से पूरा किया जा सके।
वाहन प्रदूषण पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहन से होने वाले प्रदूषण पर सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है और इस मामले में बिल्कुल भी ढील नहीं दी जाएगी। ‘नो पीयूसी–नो फ्यूल’ (बिना पीयूसी – ईंधन नहीं) नियम को कड़ाई से लागू किया जा रहा है, जिसके लिए एएनपीआर कैमरे और डिजिटल सिस्टम लगाए जा रहे हैं। 1 नवंबर 2026 से ऐसे मालवाहक वाहनों को दिल्ली में आने की अनुमति नहीं होगी जो बीएस-VI, सीएनजी या इलेक्ट्रिक नहीं हैं और बिना जरूरी काम के आने वाले ट्रैफिक पर भी नियंत्रण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जब प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ेगा, तब तुरंत असर के लिए दफ्तरों के समय में बदलाव, वर्क फ्रॉम होम और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर अतिरिक्त रोक जैसे कदम उठाने पर भी विचार होगा ताकि हवा को जल्दी साफ किया जा सके।


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