रायपुर : छत्तीसगढ़ के चुनावी मिशन में कांग्रेस और भाजपा का रणनीतिक दांव करीब दर्जन भर सीटों में फंसा हुआ है। इस मामले में भाजपा की ओर से 12 सीटों में प्रत्याशी तय करने में जद्दोजहद चल रही है। वहीं कांग्रेस का पेंच 14 सीटों में उलझा हुआ है। हालांकि भाजपा ने जरूर अपने वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की सीटों में टिकट का ऐलान कर दिया है। इसके बावजूद जिन सीटों में जीत को लेकर संशय की स्थिति है वहां कांग्रेस के प्रत्याशियों के ऐलान का इंतजार किया जा रहा है।
वहीं कांग्रेस भी करीब 14 सीटों में भाजपा की घोषणा के इंतजार में है। इन सीटों में कांग्रेस मुकाबले को बराबरी का मान रही है। सूत्र दावा करते हैं कि कांग्रेस में अभी भी 14 सीटों का पैनल बना हुआ है। इनमें सिंगल नाम तय नहीं हो पाए हैं। केन्द्रीय चुनाव समिति की दिल्ली में हुई मैराथन बैठकों में इन सीटों पर रणनीतिक फैसले के तहत नाम तय नहीं किए गए हैं।
इसके बावजूद सूत्रों की मानें तो यहां पार्टी नेतृत्व ने दावेदारों को अपनी तरफ से तैयार रहने जरूर निर्देशित किया है। इसी तरह की स्थिति भाजपा में भी नजर आ रही है। सरगुजा अंचल में कांग्रेस का जोर क्लीन स्वीप करने की तरफ है वहीं भाजपा की रणनीति कांग्रेस के विजय रथ को रोकने की नजर आ रही है। इधर बस्तर में समीकरण ठीक इसी तरह के नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि दूसरे चरण के चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन इन सीटों में प्रत्याशियों का ऐलान हो सकता है। इधर दोनों ही दलों में कार्यकर्ता असमंजस की स्थिति में है।
प्रत्याशियों का ऐलान नहीं होने से यहां चुनावी तैयारियों पर बे्रक लगा हुआ है। हालांकि संबंधित कमेटियों ने प्रचार अभियान जरूर शुरू किया है। इन सीटों में दोनों ही दलों की ओर से किसी नए चेहरे को उतारकर चुनौती पेश करने की कवायदें हो रही है। अब यहां घोषणा के बाद ही प्रत्याशियों पर छाया धुंध छंट पाएगा।


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