कांग्रेस सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ गुजरात चुनाव के दौरान एक रैली में लगाए आरोपों को लेकर राज्यसभा में आज भारी हंगामा किया।
शरद यादव एवं अली अनवर अंसारी को सदन की सदस्यता से अयोग्य ठहराये जाने के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण एक बार के स्थगन के बाद जब दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने आसन की अनुमति से यह पूर्व प्रधानमंत्री से जुड़ा मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी सदस्यों ने एक गंभीर मामले पर नियम 267 के तहत कार्य स्थगन का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कहा, यह एक गंभीर मामला है। इससे सरकार ही नहीं विपक्ष भी चिंतित है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री, पूर्व उपराष्ट्रपति, पूर्व सेना प्रमुख तथा कई राजनयिकों के खिलाफ गंभीर आरोप लगा है।
आजाद ने कहा, पाकिस्तान के साथ साजिश करने का आरोप लगा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात चुनाव के दौरान 10 दिसंबर को एक चुनावी रैली में यह आरोप लगाया था। नेता प्रतिपक्ष जब बोल रहे थे तो संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार और सथा पक्ष के कुछ सदस्यों ने उठकर विरोध जताना चाहा। किंतु विपक्षी सदस्यों की आपत्ति के बाद वे बैठ गए।
आजाद ने कहा, यह कोई साधारण मामला नहीं है। इस मुद्दे पर जब विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया तो सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर विचार करने के बाद नियम 267 के तहत दिए गए नोटिस को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने इसके बाद सदस्यों से प्रश्नकाल चलने देने को कहा। किंतु विपक्षी सदस्यों के हंगामा जारी रखने के कारण उन्होंने 5 मिनट के भीतर ही सदन की बैठक दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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