आगामी लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के अकेले लड़ने की घोषणा के बाद कांग्रेस दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार के खिलाफ जल्द ही व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करने की तैयारी में है। इसके तहत वह पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के ‘विकास मॉडल’ की तुलना केजरीवाल सरकार के प्रदर्शन से करते हुए अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश करेगी।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनने के बाद शीला दीक्षित संगठन में नई जान फूंकने के साथ ही पार्टी के खोए हुए आधार को वापस पाने के मकसद से कम कर रही हैं। ऐसी कोशिशों में यह जनसंपर्क अभियान भी शामिल है जो ब्लॉक स्तर पर चलाया जाएगा।
सूत्रों का यह भी कहना है कि आप के साथ गठबंधन की संभावना लगभग खत्म हो जाने के बाद शीला केजरीवाल को पूरी ताकत के साथ घेरने की तैयारी में हैं ताकि उस निर्णायक वोट बैंक को फिर से कांग्रेस की ओर खींचा जा सके जो कभी उसकी रीढ़ हुआ करता था। संगठन और पार्टी के आधार को मजबूत करने के मकसद से ही शीला ने तीनों कार्यकारी अध्यक्षों को दिल्ली के अलग-अलग नगर निगम क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी है।
शीला दीक्षित ने कार्यभार संभाला, जगदीश टाइटलर भी रहे मौजूद
राजेश लिलोठिया को उत्तरी दिल्ली, देवेंद्र यादव को दक्षिणी दिल्ली और हारून यूसुफ को पूर्वी दिल्ली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलोठिया ने कहा, ”अब दिल्ली के लोगों के सामने विकास के दो मॉडल हैं। एक मॉडल शीला जी का है जिसमें दिल्ली की पूरी तस्वीर बदल गयी। दूसरा मॉडल केजरीवाल का है जिसमें विकास थम गया है।”
उन्होंने कहा, ”हम जल्द ही ब्लॉक स्तर पर जाएंगे और जनसंपर्क अभियान के माध्यम से जनता को बताएंगे कि दिल्ली की तरक्की शीला दीक्षित के विकास मॉडल से ही हो सकती है।” लिलोठिया ने कहा कि पार्टी के आधार को मजबूत करने के मकसद से दिल्ली कांग्रेस की तरफ से शुरू किए जाने वाले सभी कार्यक्रमों के बारे में जल्द घोषणा की जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से दिल्ली में कांग्रेस और आप के बीच लोकसभा चुनाव में गठबंधन की संभावना जताई जा रही थी, हालांकि आप की दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय ने शुक्रवार को कहा, ‘हम दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में अकेले ही चुनाव लड़ेंगे।’


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