उत्तर प्रदेश के एक पुलिस कॉन्स्टेबल ने बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट का रुख कर उन्नाव बलात्कार पीड़िता के पिता की कथित हत्या और अवैध हथियार रखने के मामले में उसके खिलाफ तय आरोपों को खारिज करने की मांग की। कॉन्स्टेबल आमिर खान ने अपनी याचिका में दावा कि निचली अदालत ने ‘गलत‘ तरीके से दोनों मामलों को एकसाथ जोड़ दिया। जबकि एक की सुनवाई सत्र अदालत में और दूसरे की मजिस्ट्रेट अदालत में होनी चाहिए।
निचली अदालत ने निष्कासित बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और नौ अन्य के खिलाफ 13 अगस्त को भादंवि की धारा 302,506,341,120बी तथा 193 और सशस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत आरोप तय किए थे। उनके खिलाफ भादंवि की धारा 323, 324, 166 और 167 के तहत भी आरोप तय किए गए।
अदालत ने उत्तर प्रदेश के तीन पुलिस अधिकारियों की जमानत भी रद्द कर दी थी और उनके खिलाफ हत्या का आरोप तय कर उन्हें हिरासत में भेज दिया था। ये तीन पुलिस वाले माखी पुलिस थाने के तत्कालीन प्रभारी अशोक सिहं भदौरिया, उप-निरीक्षक कामता प्रसाद और खान है।


Download Android App
Download iOS App



