दिल्ली में डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी, 2 मास्टरमाइंड गिरफ्तार

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Cyber Fraud Alert: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के इंटर स्टेट सेल (आईएससी) ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आईएससी की यह कार्रवाई साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए करोड़ों रुपए की मनी ट्रेल को ठिकाने लगाने से जुड़े मामलों में की गई है। ऑपरेशन को इंस्पेक्टर कमल कुमार और सतेंद्र खारी ने एसीपी आईएससी रमेश लांबा की कड़ी निगरानी में अंजाम दिया। Delhi Cyber Fraud: निवेश के नाम पर ठगी पहला मामला बैंक एन्क्लेव, नई दिल्ली निवासी एक व्यक्ति को फर्जी ऑनलाइन निवेश योजना…

Cyber Fraud Alert: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के इंटर स्टेट सेल (आईएससी) ने एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आईएससी की यह कार्रवाई साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट स्कैम और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए करोड़ों रुपए की मनी ट्रेल को ठिकाने लगाने से जुड़े मामलों में की गई है। ऑपरेशन को इंस्पेक्टर कमल कुमार और सतेंद्र खारी ने एसीपी आईएससी रमेश लांबा की कड़ी निगरानी में अंजाम दिया।

Delhi Cyber Fraud: निवेश के नाम पर ठगी

Cyber Fraud Alert
Delhi Cyber Fraud (Image- Social Media)

पहला मामला बैंक एन्क्लेव, नई दिल्ली निवासी एक व्यक्ति को फर्जी ऑनलाइन निवेश योजना के जरिए 31.45 लाख रुपए की ठगी का था, जिसमें इसने पीड़ित को एक फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर एक ऐप इंस्टॉल कराया और ज्यादा मुनाफे का लालच देकर छह अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवाई। इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप डी-एक्टिव कर दिया गया और ऐप भी बंद हो गया, जिसके बाद पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि रकम को कई म्यूल खातों के जरिए लेयरिंग कर इधर-उधर भेजा गया।

इसके बाद पंजाब और गुजरात में छापेमारी के दौरान म्यूल अकाउंट धारक अर्जुन सिंह (39) निवासी सुरेंद्र नगर, गुजरात को गिरफ्तार किया गया, जिसने कमीशन लेकर पैसे निकाले थे। उसके पास से मोबाइल, सिम, एटीएम कार्ड और चेक बुक बरामद की गई।

Digital Arrest Fraud Delhi: डिजिटल अरेस्ट का शिकार हुई NRI महिला

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Digital Arrest Fraud Delhi (Image- Social Media)

दूसरा मामला अमेरिका की एक एनआरआई महिला के डिजिटल अरेस्ट स्कैम का शिकार होने का था। पीड़िता ने बताया कि दिल्ली आने के बाद उसे इंटरनेशनल नंबर से कॉल कर खुद को सैन फ्रांसिस्को दूतावास और दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर धमकाया गया। इसके बाद नकली वीडियो कॉल के जरिए डराकर उससे 30 लाख रुपए एक म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर करवा लिए गए।

आरोपी के पास क्या-क्या मिला?

क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि रकम पंजाब स्थित एक पार्टनरशिप फर्म के खाते में गई, जहां से कुछ ही मिनटों में अलग-अलग खातों में भेज दी गई। क्राइम ब्रांच की टीम ने मोहाली और चंडीगढ़ में छापेमारी कर आरोपी वरुण को गिरफ्तार किया। उसके पास से 38 एटीएम कार्ड, 51 चेक बुक, मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी और एक कार बरामद हुई। क्राइम ब्रांच का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।