Pausha Putrada Ekadashi Daan: पौष पुत्रदा एकादशी का हिंदू धर्म में खास महत्व होता है। हर साल पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने का महत्व होता है। माना जाता है कि पुत्रदा एकादशी का व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और संतान को भी सुख की प्राप्ति होती है। लेकिन इस व्रत को करने से पहले कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है। साथ ही, एकादशी पर दान भी करना चाहिए। इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और बेहद पुण्य मिलता है। आइए जानें, पौष पुत्रदा एकादशी व्रत के महत्वपूर्ण नियम और दान।
Pausha Putrada Ekadashi Daan: इन चीजों का ना करें दान

1. 7 प्रकार के अनाज का दान
पौष पुत्रदा एकादशी के अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर 7 प्रकार के अनाज जैसे- गेहूं, चावल, दाल आदि का दान करना चाहिए। किसी गरीब या जरूरतमंद को अनाज दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। ऐसा करने से घर में कभी अन्न-धन की कमी नहीं होती है। साथ ही, जातक को घर में चल रही आर्थिक तंगी से भी राहत मिलती है।
2. गर्म कपड़ों का दान
एकादशी के अगले दिन पूजा-पाठ करने के बाद मंदिर के पास जरूरतमंदों को गर्म कपड़ों का दान करना चाहिए। सर्दियों के मौसम में जरूरतमंद व्यक्ति को ठंड से बचाना बहुत पुण्यकारी माना जाता है। ऐसा करने से बेहद शुभ फल की प्राप्ति होती है और जीवन में आ रहे दुखों से राहत मिलती है। साथ ही, धीरे-धीरे जीवन में खुशियां आने लगती हैं।
3. धार्मिक पुस्तकों का दान
पुत्रदा एकादशी के दिन आप धार्मिक पुस्तकों या पूजा की सामग्री का दान कर सकते हैं। लेकिन इस दौरान एक बात का ध्यान जरूर रखें कि यह दान किसी ऐसे व्यक्ति को करना चाहिए जो पूजा-पाठ करता हो, धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन करता हो और इन वस्तुओं का पूरा सम्मान करे। ऐसा करने से व्रती को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
4. कंबल का दान
इस एकादशी तिथि पर कंबल का दान करना भी बहुत लाभदायक माना जाता है। सर्दी के मौसम में किसी जरूरतमंद को कंबल दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। साथ ही, घर में सुख-समृद्धि आने लगती है और जीवन में चल रही समस्याओं से भी राहत मिल सकती है। इन सामग्रियों का दान करने से जीवन में शांति और खुशहाली बनी रहती है।
Pausha Putrada Ekadashi Par Kya Daan Kare: पुत्रदा एकादशी के दिन करें ये उपाय

1. तुलसी के पास दीपक जलाएं
पौष पुत्रदा एकादशी के शुभ अवसर पर तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना काफी मंगलकारी माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में खुशहाली और संपन्नता का वास होता है। इस दिन पवित्र स्नान के पश्चात तुलसी पूजन करें।
2. ‘विष्णु सहस्रनाम’ का पाठ करें
एकादशी पूजन के दौरान ‘विष्णु सहस्रनाम’ का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है। इसके साथ ही विष्णु चालीसा और आरती का गायन भी करें। भगवान को पंचामृत का भोग अवश्य अर्पित करें। साथ ही व्रत का पारण करने से पहले स्वयं भी प्रसाद के रूप में पंचामृत ग्रहण करें।

3. तुलसी माला से मंत्र जाप
संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले जातक को तुलसी की माला लेकर ‘ॐ देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते, देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः’ मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करना चाहिए। चूंकि तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है, इसलिए इस मंत्र का प्रभाव बढ़ जाता है और इसे संतान सुख के लिए बेहद शक्तिशाली माना जाता है।
4. दान-पुण्य करें
इस पवित्र तिथि पर अन्न या वस्त्रों का दान करने से साधक को कभी न समाप्त होने वाले ‘अक्षय’ पुण्य की प्राप्ति होती है। एकादशी पर श्री हरि की आराधना और दान करने से न केवल संतान सुख प्राप्त होता है, बल्कि संतान को दीर्घायु होने का आशीर्वाद भी मिलता है।
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