बैंक अधिकारी बनकर साइबर ठगी, पुलिस ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार

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Cyber : उत्तर-पूर्वी जिले की साइबर थाना पुलिस ने बैंक अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान नितिन सोलंकी, सिमरन, ईशिका, ध्रुव, बॉबी श्रेष्ठ और अनीश गुप्ता के रूप में हुई है। क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर लोगों से गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करते थे और फिर उनके खातों से पैसे उड़ा देते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन और ठगी की रकम से खरीदा गया एक पावर बैंक बरामद किया है। डीसीपी राहुल अलवाल ने…

Cyber : उत्तर-पूर्वी जिले की साइबर थाना पुलिस ने बैंक अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान नितिन सोलंकी, सिमरन, ईशिका, ध्रुव, बॉबी श्रेष्ठ और अनीश गुप्ता के रूप में हुई है।

क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर लोगों से गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करते थे और फिर उनके खातों से पैसे उड़ा देते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन और ठगी की रकम से खरीदा गया एक पावर बैंक बरामद किया है।

डीसीपी राहुल अलवाल ने बताया कि करावल नगर निवासी अमित कुमार ने शिकायत दी थी कि बैंक अधिकारी बनकर कॉल करने वाले ठगों ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का लालच देकर उनसे कार्ड की गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उनके खाते से करीब 1.31 लाख रुपये की ऑनलाइन खरीदारी कर ली गई।

फर्जी कॉल सेंटर में करता था काम

शिकायत के आधार पर साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी निगरानी और डिजिटल फॉरेंसिक की मदद से पता लगाया कि ठगी की रकम से ब्लिंकिट के जरिए सैमसंग मोबाइल फोन और पावर बैंक खरीदे गए थे। जांच करते हुए पुलिस आरोपी अनीश गुप्ता तक पहुंची। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके में किराये के फ्लैट से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर में काम करता था।

इसके बाद पुलिस ने छापा मारकर कॉल सेंटर का भंडाफोड़ कर दिया और छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि नितिन सोलंकी और सिमरन कॉल सेंटर चला रहे थे, जबकि ईशिका और ध्रुव लोगों को बैंक अधिकारी बनकर फोन करते थे। वे क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का झांसा देकर कार्ड की गोपनीय जानकारी लेते और फिर ऑनलाइन खरीदारी कर ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की पहचान के लिए जांच जारी है। साथ ही ठगी से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य साथियों का भी पता लगाया जा रहा है।

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Avinay