बच्चों को वायु प्रदूषण के खतरे व बचाव के प्रति जागरुक करेगी दिल्ली सरकार

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Delhi : दिल्ली सरकार अब साल भर बच्चों को वायु प्रदूषण के खतरे व बचाव के प्रति जागरुक करेगी। इसको लेकर शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश में सरकारी को स्कूलों को निर्देश दिया है कि पूरे साल छात्रों के लिए प्रदूषण जागरुकता कार्यक्रम चलाएं। इन कार्यक्रमों में बच्चों को बताया जाएगा कि वायु प्रदूषण किन कारणों से होता है। इसका स्वास्थ्य और पर्यावरण पर क्या असर पड़ता है और इससे बचने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार का मानना है कि छात्रों में जागरुकता बढ़ाकर उन्हें पर्यावरण का प्रति जिम्मेदार बनाया जा…

Delhi : दिल्ली सरकार अब साल भर बच्चों को वायु प्रदूषण के खतरे व बचाव के प्रति जागरुक करेगी। इसको लेकर शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश में सरकारी को स्कूलों को निर्देश दिया है कि पूरे साल छात्रों के लिए प्रदूषण जागरुकता कार्यक्रम चलाएं।

इन कार्यक्रमों में बच्चों को बताया जाएगा कि वायु प्रदूषण किन कारणों से होता है। इसका स्वास्थ्य और पर्यावरण पर क्या असर पड़ता है और इससे बचने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। सरकार का मानना है कि छात्रों में जागरुकता बढ़ाकर उन्हें पर्यावरण का प्रति जिम्मेदार बनाया जा सकता है।

इससे न केवल बच्चों में अच्छी आदतें विकसित होगी बल्कि दिल्ली में हवा के गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी। आदेश में स्कूलों से कहा कि वह इसी महीने से ही ऐसी गतिविधियां शुरू करें जिनमें पोस्टर बनाने,स्लोगन लिखने, निबंध, भाषण प्रतियोगिता, नुक्कड नाटकों के जरिए गाड़ियों से निकलने वाले धुएं, सड़क की धूल, निर्माण कार्य और प्रदूषण के अन्य स्रोतों के बारे में जागरुकता फैलायी जाएगी।

ज्यादातर गतिविधियों में कक्षा छह से 12 तक के छात्र हिस्सा लेंगे जबकि कुछ गतिविधियों में सभी छात्र हिस्सा लेंगे। इसके साथ ‌ही शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रमुखों को पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाले तेज धार वाले मांजे पर लगी रोक के बारे में जागरुकता फैलाने का भी निर्देश दिया गया है।

सूचना,संचार व शिक्षा (आईईसी) एक्शन प्लान के अनुसार गाड़ी से निकलने वाले धुएं पर जागरुकता कार्यक्रम जुलाई से हर महीने आयोजित किए जाएंगे। वहीं सड़क की धूल पर अभियान जुलाई से सितंबर तक, निर्माण कार्य की धूल पर सितंबर से नवंबर तक, नगर निगम के ठोस कचरे और पराली जलाने पर नवंबर और दिसंबर में, औद्योगिक उत्सर्जन पर जनवरी में, थर्मल पावर प्लांट पर फरवरी में व और डीजल जेनरेटर सेट पर मार्च में अभियान चलाएंगे।

यह एक्शन प्लान वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के फ्रेमवर्क और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के दिशानिर्देशों के आधार पर तैयार किया गया है। इसे इसी महीने लागू किया जाएगा।

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Avinay