Delhi : दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि SIR के नाम पर बड़े पैमाने पर गरीब, प्रवासी और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के वोट जानबूझकर काटे जा रहे हैं।
पार्टी का दावा है कि भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग ने पहले ही प्री-एसआईआर प्रक्रिया के दौरान लगभग 14 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए, जिससे वे अब SIR प्रक्रिया में भी हिस्सा नहीं ले सकेंगे। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया में तीन स्तरों पर अनियमितताएं की जा रही हैं।
बस्तियों में रहने वाले लोगों तक नहीं पहुंचा पाए एन्यूमरेशन फॉर्म
उन्होंने कहा कि सबसे पहले प्री-एसआईआर के दौरान लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए। इसके बाद गरीब और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों तक गणना (एन्यूमरेशन) फॉर्म नहीं पहुंचा गए, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में 100 प्रतिशत फॉर्म वितरण का दावा किया जा रहा है।
इसके अलावा जिन लोगों की झुग्गियां हटाई गईं और जिन्हें सरकार द्वारा फ्लैट आवंटित किए गए, उन्हें भी बीएलओ द्वारा फॉर्म नहीं दिए जा रहे हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि गर्मियों की छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी परिवार अपने गृह राज्यों में थे।
इसी दौरान प्री-एसआईआर की प्रक्रिया पूरी कर उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। उनका आरोप है कि अब इन लोगों को गणना फॉर्म भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, जिससे वे मतदाता सूची में अपना नाम दोबारा दर्ज कराने की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे हैं।
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