दिल्ली-NCR में कैब और ऑटो चालक आज से 3 दिनों की हड़ताल पर, जानें क्या है इनकी मांगे

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Delhi Auto-Taxi Strike: दिल्ली-NCR की आम जनता को आज से शुरू होकर अगले तीन दिनों तक काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह है कमर्शियल गाड़ियों के ड्राइवरों की हड़ताल। जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना—आज से आपको देश की राजधानी दिल्ली में ऑटो-रिक्शा, साइकिल-रिक्शा या कैब आसानी से नहीं मिल पाएगी। गुरूवार से 23 मई शनिवार तक तीन दिन की हड़ताल पर हैं। Delhi Auto Strike: ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों का चक्का जाम हड़ताल की वजह ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतें और ऐप आधारित कैब एग्रीगेटर्स की तरफ कथित तौर पर आर्थिक शोषण बताया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर…

Delhi Auto-Taxi Strike: दिल्ली-NCR की आम जनता को आज से शुरू होकर अगले तीन दिनों तक काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह है कमर्शियल गाड़ियों के ड्राइवरों की हड़ताल। जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना—आज से आपको देश की राजधानी दिल्ली में ऑटो-रिक्शा, साइकिल-रिक्शा या कैब आसानी से नहीं मिल पाएगी। गुरूवार से 23 मई शनिवार तक तीन दिन की हड़ताल पर हैं।

Delhi Auto Strike: ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों का चक्का जाम

Delhi Auto-Taxi Strike (credit-sm)

हड़ताल की वजह ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतें और ऐप आधारित कैब एग्रीगेटर्स की तरफ कथित तौर पर आर्थिक शोषण बताया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर की आम जनता को आज से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसकी मुख्य कारण कमर्शियल गाड़ियों के ड्राइवरों की हड़ताल है। ऐसे में राजधानी दिल्ली में ऑटो-रिक्शा, साइकिल-रिक्शा और कैब जैसी सेवाएं आसानी से आपको नहीं मिलेगी।

Delhi Taxi Strike: क्यों है आज दिल्ली-एनसीआर में हड़ताल? Delhi Strike News

बता दें कि ये हड़ताल यूनियन ने सिटी गवर्नमेंट सेस के ख़िलाफ़ बुलाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस—जो ट्रक मालिकों, निजी बस मालिकों और टैक्सी तथा मैक्सी-कैब ऑपरेटरों का प्रतिनिधित्व करने वाला संगठन है. मंगलवार को हुई एक बैठक के दौरान हड़ताल पर जाने का फैसला किया।

Auto-Taxi Strike in Delhi: क्या है मांगे?

Delhi Auto-Taxi Strike (credit-sm)
  1. किराए में संशोधन (Fare Revision)

    पिछले 15 वर्षों में, पेट्रोल, डीज़ल और CNG की कीमतों में काफ़ी बढ़ोतरी हुई है। वाहनों के रखरखाव और अन्य खर्चों में भी वृद्धि हुई है। इसके बावजूद, ऑटो-टैक्सी के किरायों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है।

  2. ग्रीन टैक्स / ECC का विरोध

    कमर्शियल वाहनों पर लगाए गए Environment Compensation Charge (ECC) या “ग्रीन टैक्स” को वापस लेने की मांग। चालकों का कहना है कि इससे उनकी आय पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

  3. BS-4 वाहनों पर प्रतिबंध का विरोध:

    दिल्ली में BS-4 और उससे पुराने वाहनों के प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध को हटाने की मांग की जा रही है। चालकों का तर्क है कि यह प्रतिबंध केवल वाहन के पंजीकरण वर्ष के आधार पर नहीं, बल्कि उसके वास्तविक उत्सर्जन स्तरों के आधार पर लगाया जाना चाहिए।

  4. कैब एग्रीगेटर्स का नियमन

    Uber, Ola और Rapido जैसी ऐप-आधारित कंपनियों द्वारा ली जाने वाली अत्यधिक कमीशन को विनियमित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, ड्राइवरों के लिए न्यूनतम आय और उचित कमाई सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।

Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।