Delhi : बच्चों को अपराध और साइबर खतरों से सुरक्षित रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को राजधानी के 17 स्कूलों में विशेष जागरूकता और सेल्फ डिफेंस कार्यक्रम आयोजित किए।
‘चाइल्ड सेफ्टी अवेयरनेस मंथ-2026’ के तहत आयोजित इस अभियान में 10,098 छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को आत्मरक्षा के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना रहा।
दिल्ली के उपराज्यपाल के निर्देश पर पूरे जुलाई महीने को चाइल्ड सेफ्टी अवेयरनेस मंथ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में दिल्ली पुलिस की सेल्फ डिफेंस विंग ने विभिन्न स्कूलों में छात्र-छात्राओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सिखाए।
“बच्चों को मानसिक रूप से भी मजबूत बनाना जरूरी”
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को साइबर सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, गुड टच-बैड टच और आपात स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के तरीकों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों से बचने के उपाय भी बताए।
डीसीपी नेहा यादव ने कहा कि बच्चों को केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक और डिजिटल रूप से भी मजबूत बनाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से पूरे जुलाई माह में दिल्ली के विभिन्न स्कूलों में जागरूकता और आत्मरक्षा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि बच्चे हर तरह की चुनौती का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
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