दिल्ली की बिजली कंपनियों का होगा कैग ऑडिट, आशीष सूद बोले – “जवाबदेही की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम”

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Delhi : दिल्ली की बिजली कंपनियों का कैग ऑडिट किया जाएगा। दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने जनता के हित में बड़ा फैसला लेते हुए तीनों प्रमुख बिजली डिस्कॉम बीआरपीएल,बीवाईपीएल और टीपीडीडीएल का कैग आ‌ॅडिट कराने को मंजूरी दे दी है। उपराज्यपाल से हरी झंडी मिलने के बाद इस व्यापक ऑडिट प्रक्रिया को पूरा करने का टारगेट तय किया गया है। इससे पहले दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल ने 20 जून 2025 को इस सख्त ऑडिट की सिफारिश की थी जिसे अब उपराज्यपाल ने सर्वजनिक हित में अपनी अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसको लेकर दिल्ली सरकार ने आदेश जारी…

Delhi : दिल्ली की बिजली कंपनियों का कैग ऑडिट किया जाएगा। दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने जनता के हित में बड़ा फैसला लेते हुए तीनों प्रमुख बिजली डिस्कॉम बीआरपीएल,बीवाईपीएल और टीपीडीडीएल का कैग आ‌ॅडिट कराने को मंजूरी दे दी है। उपराज्यपाल से हरी झंडी मिलने के बाद इस व्यापक ऑडिट प्रक्रिया को पूरा करने का टारगेट तय किया गया है।

इससे पहले दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल ने 20 जून 2025 को इस सख्त ऑडिट की सिफारिश की थी जिसे अब उपराज्यपाल ने सर्वजनिक हित में अपनी अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसको लेकर दिल्ली सरकार ने आदेश जारी कर दिया है जिसमें स्पष्ट किया गया है कि बीआरपीएल, बीवाईपीएल और टाटा पावर (टीपीडीडीएल) डिस्कॉम व अधिकारी कैग के अधिकारियों को सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की रिकॉर्ड जानकारी उपलब्ध करवाकर पूरा सहयोग करेंगे।

आदेश में कहा गया कि ऑडिट का दायरा व जटिलता देखते हुए यदि कैग आवश्यक समझे तो अवधि बढ़ाई जा सकती है, लेकिन प्राथमिकता के आधार पर ऑडिट आदेश जारी होने की तारीख से तीन महीने के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। यह पूरी वित्तीय जांच पावर सेक्टर में पारदर्शित और जवाबदेही तय करने के साथ-साथ डिस्कॉम के नियामकीय परिसंपत्तियों (रेगुलेटरी एसेट्स) की जांच की लिए की जा रही है।

गत वर्षों वर्षों से 38,500 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं इस मुद्दे पर दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कहा कि दिल्ली की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि लगभग 38,000 करोड़ के रेगुलेटरी एसेट्स लगातार कैसे बढ़ते गए और इसका लाभ किसे मिला, जबकि इसका बोझ दिल्ली के लोगों पर पड़ा, कैग ऑडिट इन सभी तथ्यों को सामने लाएगा।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के डिस्कॉम्स के कैग ऑडिट का आदेश दिल्ली के बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि यह दिल्ली के प्रत्येक बिजली उपभोक्ता और प्रत्येक ईमानदार करदाता की जीत है।

आप सरकार ने नहीं की व्यवस्था की जांच, दिया अपना संरक्षण : सूद

ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि बिजली क्षेत्र के निजीकरण के बाद वर्षों तक कई वित्तीय निर्णय, विशेष व्यवस्थाएं और लगातार बढ़ती देनदारियां की सार्वजनिक जांच नहीं हो सकी। पिछली आम आदमी पार्टी सरकार ने व्यवस्था की जांच करने के बजाय उसे संरक्षण देने का काम किया था। जो कार्य वे दस वर्षों में नहीं कर सके, हमारी सरकार ने कुछ ही महीनों में उसकी शुरुआत कर दी है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली का कोई भी ईमानदार करदाता किसी के निजी हितों या गलत निर्णयों की कीमत चुकाने के लिए मजबूर नहीं होगा। जनता के धन का प्रत्येक रुपया सुरक्षित रखना हमारी सरकार की जिम्मेदारी है।

कैग ऑडिट मामला कोर्ट के विचाराधीन : डिस्कॉम

डिस्कॉम के कैग ऑडिट पर बीएसईएस के प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली की डिस्कॉम्स के कैग ऑडिट का मामला वर्तमान में कोर्ट के विचाराधीन है। चूंकि यह विषय न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है, इसलिए इस पर किसी भी प्रकार की आगे की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

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Avinay