यूएनईएससीएपी बैठक : भारत ने सतत विकास और जलवायु कार्रवाई पर दिया जोर

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बैंकॉक, 2 जुलाई (आईएएनएस)। भारत की बैंकॉक स्थित दूतावास की प्रथम सचिव जगप्रीत कौर ने गुरुवार को यूनाइटेड नेशंस इकोनॉमिक एंड सोशल कमीशन फॉर एशिया एंड द पैसिफिक (यूएनईएससीएपी) की पर्यावरण और विकास समिति (सीईडी9) के 9वें सत्र में भारत की तरफ से जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों पर बात की। भारतीय दूतावास, बैंकॉक ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “भारत की दूतावास में प्रथम सचिव जगप्रीत कौर ने यूएनईएससीएपी की पर्यावरण और विकास समिति के 9वें सत्र में देश का वक्तव्य दिया।” बयान में भारत के राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जलवायु परिवर्तन से निपटने के…

बैंकॉक, 2 जुलाई (आईएएनएस)। भारत की बैंकॉक स्थित दूतावास की प्रथम सचिव जगप्रीत कौर ने गुरुवार को यूनाइटेड नेशंस इकोनॉमिक एंड सोशल कमीशन फॉर एशिया एंड द पैसिफिक (यूएनईएससीएपी) की पर्यावरण और विकास समिति (सीईडी9) के 9वें सत्र में भारत की तरफ से जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों पर बात की।

भारतीय दूतावास, बैंकॉक ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “भारत की दूतावास में प्रथम सचिव जगप्रीत कौर ने यूएनईएससीएपी की पर्यावरण और विकास समिति के 9वें सत्र में देश का वक्तव्य दिया।”

बयान में भारत के राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों को उजागर किया गया। इसमें इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आईएसए), लाइफस्टाइल फॉर द एनवायरनमेंट (एलआईएफई) मूवमेंट, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई), और ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस (जीबीए) जैसी पहलें शामिल हैं।

इसके साथ ही इस बात पर भी जोर दिया गया कि विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने और अडैप्टेशन के लिए पर्याप्त, समय पर और भरोसेमंद वित्तीय मदद मिलनी चाहिए।

पर्यावरण और विकास समिति, यूएनईएससीएपी की एक सहायक संस्था है। यह हर दो साल में बैठक करती है ताकि क्षेत्रीय रुझानों की समीक्षा की जा सके, प्राथमिकताओं को तय किया जा सके और सरकारों, नागरिक समाज, निजी क्षेत्र, संयुक्त राष्ट्र प्रणाली और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके।

यह समिति आयोग को सुझाव भी देती है। हर चार साल में यह बैठक मंत्री स्तर पर होती है ताकि उच्च-स्तरीय मार्गदर्शन दिया जा सके।

यूएनईएससीएपी के अनुसार, सीईडी-9 में सीईडी-7 मंत्री स्तरीय घोषणा में तय प्राथमिक क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही उन विषयों पर भी चर्चा होगी जो समिति के लिए जरूरी हैं। इस बार खास ध्यान इस बात पर रहेगा कि नीतियों को बेहतर तरीके से एक साथ जोड़ा जाए और सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) को आगे बढ़ाने तथा तीन बड़े पर्यावरणीय संकट, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता की हानि और प्रदूषण से निपटने के लिए मिलकर काम किया जाए।

–आईएएनएस

एवाई/एबीएम

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