Delhi : दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने रेप का झूठ केस दर्ज कराने व कोर्ट को गुमराह करने के मामले में शिकायतकर्ता दिल्ली पुलिस की महिला कॉन्स्टेबल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते हुए मामले में आरोपी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के रिटायर्ड असिस्टेंड कमिश्नर को बरी कर दिया है।
कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार पांडेय ने न्यू अशोक नगर थाने के एसएचओ को एक सप्ताह के भीतर महिला कांस्टेबल के खिलाफ आईपीसी की धारा-182/193/195/211 के साथ धारा-199 के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता ने न केवल झूठी शिकायत दर्ज कराई बल्कि ट्रायल के दौरान आरोपी के खिलाफ झूठे बयान और सबूत भी दिए। ऐसे में उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
निजी जिंदगी में उथल-पुथल से परेशान होकर दर्ज कराई शिकायत?
दरअसल, इस मामले में शिकायतकर्ता महिला कॉन्स्टेबल कोर्ट में बयान के दौरान मुकर गई और कहा कि उसके और आरोपी के बीच आपसी सहमति से शारीरिक संबंध बने थे। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह अपनी निजी जिंदगी में उथल-पुथल के कारण काफी परेशान थी और उसके व आरोपी के बीच छोटी-छोटी बातों पर झगड़े भी होते थे, जिसके चलते उसने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी।
यही नहीं उसने कहा कि उसके अंतरंग पलों के जो भी वीडियो बनाए गए थे, उसमें उसकी सहमति थी। यही नहीं शिकायतकर्ता ने कहा न तो आरोपी ने कभी उसे धमकी दी और न ही कभी ब्लैकमेल किया और वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ संबंध में थी।
ब्लैकमेलिंग, रेप व गैंगरेप का लगाया था आरोप
इस मामले में शिकायतकर्ता ने 20 मई 2017 को दिल्ली के न्यू अशोक नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उसने कहा था कि आरोपी ने उसे नशीली कोल्ड्र ड्रिंक पिलाकर उसके साथ कार में रेप किया था और घटना का वीडियो भी बना लिया था। जिसके बाद वह लगातार उसे अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर उसका रेप करता रहा।
शिकायतकर्ता ने कहा था कि उसकी शादी होने वाली थी, ऐसे में शादी टूटने के डर से वह आरोपी की हर बात मानती रही। इस दौरान आरोपी अलग-अलग जगहों पर ले जाकर उसका यौन शोषण करता रहा। यही नहीं शिकायतकर्ता ने कहा था कि आरोप ने आरोपी अपने दोस्तों के साथ भी उसे संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि आरोपी शादी के बाद भी उसे संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था।
आरोपी के साथ अक्सर घूमने जाती थी शिकायतकर्ता
इस मामले में पुलिस की जांच से खुलासा हुआ था कि शिकायतकर्ता अक्सर आरोपी के साथ देश के अलग-अलग शहरों में घूमने जाती थी और लंबे समय तक उसके साथ रुकती थी। यही नहीं उसे आरोपी के बैंक खाते से 20-25 लाख रुपए ट्रांसफर भी हुए थे। इसके अलावा इस मामले में शिकायतकर्ता ने अपना मेडिकल कराने से भी इनकार कर दिया था। दिलचस्प ये है कि आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बावजूद भी शिकायतकर्ता आरोपी की ही कार से थाने आया करती थी।
यह भी पढ़ें : दिल्ली को हराभरा बनाने की बड़ी पहल, एक साल में लगेंगे 70 लाख पेड़-पौधे, CM रेखा ने शुरू की मेगा प्लांटेशन ड्राइव 2026


Download Android App
Download iOS App




